पहले कहा जाता था वाय इंडिया, अब कहा जाता है वाय नोट इंडिया

वो दिन दूर नहीं जब दुनिया कहेगी इंडिया इज मदर ऑफ डेमोक्रेसी
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नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एसोचैम फाउंडेशन वीक-2020 में कहा कि दुनिया इन्वेस्टमेंट के लिए परेशान है, लेकिन हमारे पास संभावनाएं और नए अवसर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एसोचैम फाउंडेशन वीक 2020 को संबोधित किया। इसमें उन्होंने कहा कि जो बदलाव हम देखना चाहते हैं, वे हमें संस्थानों में भी करने होंगे। हमें दुनिया की बेस्ट प्रैक्टिस को अपनाना होगा, जो सोसायटी के साथ ज्यादा इंटीग्रेशन से संभव होगा। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि वाय इंडिया अब कहा जाता है वाय नोट इंडिया। प्र.म. ने कहा कि कई बार लोग कहते हैं कि ये सेक्टर बढिय़ा है, ये शेयर बढिय़ा है, इसमें इन्वेस्ट कर दो। हम ये देखते हैं कि सलाह देने वाला भी इसमें इन्वेस्ट कर रहा है या नहीं। महामारी के दौरान दुनिया इन्वेस्टमेंट के लिए परेशान है। आज आपके पास इन्वेस्टमेंट के लिए संभावनाएं और नए अवसर भी हैं।

मोदी के भाषण की खास बातें

  1. रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर

निवेश के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर चर्चा जरूरी है। अमेरिका में इस पर 75′ निवेश प्राइवेट सेक्टर करता है। हमारे यहां इतना निवेश पब्लिक सेक्टर की ओर से किया जाता है। हमारे यहां हर कंपनी को इसके लिए अमाउंट तय करना चाहिए।

  1. सभी डिपार्टमेंट में तालमेल पर

विदेश मंत्रालय, कॉमर्स एंड ट्रेड और एसोचैम के बीच बेहतर तालमेल समय की मांग है। मैकेनिज्म बेहतर कैसे हो, इसके लिए मुझे सुझाव भेजें।

  1. कोरोना के दौरान मदद पर

कोरोना काल में मुश्किलों के बावजूद भारत ने दुनिया में दवाएं पहुंचाईं। वैक्सीन के मामले में भी भारत दूसरों की जरूरतों पर खरा उतरेगा।

  1. स्वदेशी प्रोडक्ट की मार्केटिंग पर

एसोचैम के सदस्य गांवों के प्रोडक्ट्स को ग्लोबल करने में काफी मदद कर सकते हैं। आज हमें समझ नहीं आता कि हमारे खाने की टेबल पर कितनी विदेशी चीजें सजी होती हैं। हमारी अपनी चीजों, पैदावार का एसोचैम द्वारा प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। सभी को इस दिशा में मिलकर काम करने की जरूरत है।


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