देश में मिला डबल म्यूटेंट वेरिएंट

देश में मिला डबल म्यूटेंट वेरिएंट
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नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामलों में जबरदस्त उछाल सामने आया है। पिछले करीब एक हफ्ते से हर रोज 40 हजार के करीब नए केस रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। वहीं होली जैसे त्यौहार को देखते हुए बाजारों में भीड़ इक_ा होने का भी खतरा बना हुआ है। इन सभी हलचलों के बीच देश में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट मिले हैं, जिसने सरकार की चिंता बढ़ाई है। साथ ही अब कई राज्यों ने सख्ती बढ़ा दी है, लॉकडाउन से लेकर नई गाइडलाइन्स पर फैसले लिए जा रहे हैं।

देश में मिले नए कोरोना वेरिएंट के मामले

भारत में कोरोना वायरस के डबल म्यूटेंट वेरिएंट के मामले बढ़ गए हैं। सरकार ने जानकारी दी है कि देश में 771 ऐसे मामले मिले हैं, जो कोरोना वायरस का नए वेरिएंट से जुड़े हैं। इनमें 736 केस यूके के कोरोना वैरियंट, 34 केस साउथ अफ्रीका के वेरिएंट, एक मामला ब्राजीलियन वेरिएंट का पाया गया है। महाराष्ट्र, केरल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी कोरोना वायरस के नए वैरियंट के केस मिले हैं। अब केंद्र सरकार ने इसके बाद राज्य सरकारों से सख्ती बढ़ाने को कहा है।

उत्तराखंड के कुंभ के लिए अब टेस्ट जरूरी अगर आपको उत्तराखंड में जारी कुंभ में शामिल होना है, तो अब कोरोना निगेटिव होना जरूरी है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि कुंभ में शामिल होने वाले सभी लोगों को आरटी-पीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। बता दें कि इससे पहले उत्तराखंड की सरकार ने नियमों में कुछ ढील दी थी, लेकिन अब हाईकोर्ट ने फिर सख्ती बढ़ा दी है।

महाराष्ट्र के बीड में फुल लॉकडाउन

कोरोना वायरस की नई लहर का एपिसेंटर महाराष्ट्र बनकर उभरा है। ऐसे में राज्य सरकार सख्त फैसले ले रही है। बुधवार को महाराष्ट्र के बीड जिले में संपूर्ण लॉकडाउन का ऐलान किया गया। जिले में ये लॉकडाउन 26 मार्च से लेकर 4 अप्रैल तक रहेगा। बीते एक हफ्ते में लगातार मामलों में बढ़ोतरी हुई है और आगे होली का त्यौहार है, ऐसे में ये सख्त फैसला लिया गया है।

केंद्र ने राज्यों को दी सख्ती बढ़ाने की छूट

कोरोना वायरस के फिर से बढ़ती रफ्तार के बीच केंद्र सरकार ने फिर राज्य सरकारों से संपर्क साधा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव ने राज्यों को चि_ी लिखी है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अगर राज्य सरकारें लोकल स्तर पर  सख्ती बढ़ाना चाहें, तो वह इस पर विचार कर सकती हैं। यानी राज्य सरकारें अब होली, शब-ए-बारात, बिहू, ईस्टर, ईद और अन्य त्यौहारों को लेकर सख्त फैसला ले सकती हैं। कई सरकारों ने पहले ही लॉकडाउन, नाइट कफ्र्यू, सार्वजनिक कार्यक्रमों पर पाबंदी का फैसला लिया है।


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