कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं की डिनर मीटिंग, आजाद के घर 5 घंटे चली बैठक, जी-23 नेता बोले-  भाजपा को चुनौती देने के लिए मजबूत विकल्प जरूरी

Dinner meeting of disgruntled Congress leaders, meeting lasted for 5 hours at Azad's house, G-23 leader said - Strong option is necessary to challenge BJP
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नई दिल्ली (एजेंसी)। 5 राज्यों में करारी हार के बाद बुधवार रात कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं की बैठक हुई। त्र-23 नेताओं की यह मीटिंग गुलाम नबी आजाद के घर 5 घंटे चली। बैठक के बाद एक बयान में कहा गया- भाजपा को 2024 में चुनौती देने के लिए एक मजबूत विकल्प की जरूरत है। कांग्रेस हाईकमान सामान्य विचारधारा वाले दलों से बात करे। लेटर पर गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और विवेक तन्खा समेत 18 असंतुष्ट नेताओं ने साइन किए हैं।

वाघेला और अय्यर भी शामिल

आजाद के घर डिनर पार्टी में पूर्व कांग्रेस नेता शंकर सिंह वाघेला, कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर और मणिशंकर अय्यर भी शामिल हुए। ये सभी पहली बार G-23 की बैठक में शामिल हुए हैं। इसके अलावा, मीटिंग में कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी, शशि थरूर, अखिलेश प्रसाद सिंह, भूपिंदर सिंह हुड्डा और पृथ्वीराज चौहान, मणिशंकर अय्यर, पी.जे कुरियन, विवेक तन्खा और संदीप दीक्षित भी बैठक में शामिल हुए।

बघेल ने कहा- कांग्रेस को कमजोर करने में जुटे हैं नेता

मीटिंग से पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- ष्टङ्खष्ट की बैठक में सभी ने सोनिया जी पर पूरा विश्वास जताया है। हम सब सोनिया जी, राहुल जी और प्रियंका जी के साथ हैं। जो लोग इस तरह के बयान दे रहे हैं वे कांग्रेस को कमजोर करने के लिए कह रहे हैं। यह बेहद दुख की बात है कि चुनाव के वक्त उनका एक भी बयान नहीं आता, लेकिन चुनाव के बाद वे लगातार बयानबाजी करते हैं।

खडग़े बोले- सिब्बल वकील, नेता नहीं

डिनर पार्टी पर राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने निशाना साधा। कहा- कपिल सिब्बल एक अच्छे वकील हो सकते हैं, लेकिन वो नेता नहीं हैं। उन्होंने आज तक कांग्रेस को एक गांव में भी मजबूत नहीं बनाया। इस तरह के डिनर ऑर्गनाइज करने से सोनिया गांधी पर कोई असर नहीं पडऩे वाला है।


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