मतभेद: पद्म सम्मान पर गुलाम नबी आजाद के समर्थन में आए कर्ण सिंह, मोइली व जयराम रमेश ने कहा- नहीं लेना चाहिए अवार्ड

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नई दिल्ली (एजेंसी)। गुलाम नबी आजाद को पद्म भूषण सम्मान मिलने पर कांग्रेस नेताओं की बेरूखी के बाद वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह आजाद के समर्थन में उतर आए। कर्ण सिंह ने गुरूवार को कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कारों को दलगत विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए और हमारे किसी सहयोगी पर यह सम्मान मिला है तो उसे बधाई दी जानी चाहिए। न कि उसका मजाक उड़ाना चाहिए।

दरअसल मंगलवार को पद्म सम्मान की घोषणा हुई थी और आजाद को भी पद्म भूषण देने का एलान किया गया था। इस पर गांधी परिवार के करीबी जयराम रमेश ने माकपा नेता बुद्धदेव भट्टाचार्य द्वारा ऐसा ही सम्मान ठुकराने पर गुलाम नबी आजाद पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया, उन्हें आजाद होना चाहिए न कि गुलाम। उल्लेखनीय है कि आजाद को यह सम्मान मिलने पर उनकी पार्टी के किसी नेता ने उन्हें बधाई नहीं दी।

जबकि सोनिया गांधी को संगठनात्मक बदलाव के लिए पत्र लिखने वाले समूह 23 के असंतुष्ट नेताओं ने आजाद को बधाई देते हुए कहा कि वह इस सम्मान के योग्य हैं। इस विवाद के बीच कर्ण सिंह ने कहा, वह इस भद्दे विवाद से दुखी हैं। इससे पहले जी-23 के कपिल सिब्बल ने भी कहा था कि यह विडंबना है कि कांग्रेस को आजाद की सेवा की जरूरत नहीं है, जबकि देश सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को मान दे रहा है।

उधर, कांग्रेस के ही एक अन्य वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने गुरूवार को कहा कि गुलाम नबी आजाद को पद्म भूषण सम्मान देना एक राजनीतिक फैसला था और उन्हें योग्यता के आधार पर यह पुरस्कार नहीं मिला है। मोइली ने कहा कि आजाद को लगता है कि इससे कांग्रेस को नुकसान होगा तो उन्हें यह पुरस्कार स्वीकार नहीं करना चाहिए था।


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