मानसून सत्र & महंगाई पर चर्चा की मांग की, पर स्पीकर से अनुमति नहीं – विपक्षी सांसद तख्तियां लेकर वेल में आ गए, पहले दिन आक्रामक अंदाज में दिखे अधीर

मानसून सत्र & महंगाई पर चर्चा की मांग की, पर स्पीकर से अनुमति नहीं - विपक्षी सांसद तख्तियां लेकर वेल में आ गए, पहले दिन आक्रामक अंदाज में दिखे अधीर
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नई दिल्ली (एजेंसी)। संसद के मॉनसून सत्र का सोमवार को पहला दिन था। लोकसभा में कई विपक्षी सांसदों ने अग्निपथ योजना और महंगाई के मुद्दे पर सदन में हंगामा किया। पहले ही दिन लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने अपने आक्रामक तेवर दिखाए। सदन में दस्तावेज रखे जा रहे थे और कई विपक्षी सदस्य महंगे सिलेंडर वाले पोस्टर लेकर वेल में आ चुके थे। नारेबाजी लगातार जारी रही। स्पीकर की सीट पर राजेंद्र अग्रवाल बैठे थे। नारेबाजी और हंगामे के बावजूद उन्होंने कार्यवाही जारी रखी। बिल पर बोलने के लिए अधीर रंजन का नाम पुकारा गया तो वह सरकार पर बरस पड़े। उन्होंने कहा कि सर, आज सुबह से ही हम लोग गुहार लगा रहे हैं कि महंगाई पर चर्चा होनी चाहिए। वह कुछ कहने का प्रयास करते दिखे, हालांकि आसन से उन्हें अनुमति नहीं मिली। विपक्षी सदस्यों ने ‘अग्रिपथ बिल को वापस लो’ के नारे लगाए। आखिर में सदन की कार्रवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।  इससे पहले, एक बार के स्थगन के बाद जब दोपहर दो बजे निचने सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस और कुछ अन्य दलों के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के पास पहुंच गए। कुछ सदस्यों ने हाथों में तख्तियां ले रखीं थीं जिन पर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम में बढ़ोतरी का जिक्र था। पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल ने विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और टोकाटोकी के बीच ही आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए।  इस दौरान कानून मंत्री किरेन रिजीजू ने ‘कुटुम्ब न्यायालय (संशोधन) विधेयक, 2022’ पेश किया। सदन में नारेबाजी जारी रहने के कारण अग्रवाल ने दोपहर दो बजकर करीब पांच मिनट पर सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

तीन नए सदस्यों ने ली शपथ

सुबह लोकसभा की बैठक तीन नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने के साथ शुरू हुई। उत्तर प्रदेश के रामपुर से निर्वाचित सदस्य घनश्याम सिंह लोधी, आजमगढ़ से चुने गए दिनेश लाल यादव निरहुआ और पश्चिम बंगाल के आसनसोल से चुने गए शत्रुघ्न सिन्हा ने सदन में सदस्यता की शपथ ली। इसके बाद जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे, संयुक्त अरब अमीरात के पूर्व राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान, केन्या के पूर्व राष्ट्रपति मवाई किबाकी और कुछ दिवंगत पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि देने के बाद बैठक दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।


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