रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान- पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेना के पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान
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नई दिल्ली (एजेंसी)। पिछले साल मार्च के महीने में चीन की सेना से भारतीय इलाके में घुसपैठ की कोशिश की। पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। भारत और चीन के बीच कूटनीतिक और सैन्य वार्ता का सिलसिला चलता मगर चीन ने हर बार वादाखिलाफी की। इसी बीच गलवान वैली में हिंसा भी हुई। लगभग 10 महीने बाद अब दोनों देशों की सेनाएं पीछे हट रही हैं। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि दोनों देशों के बीच पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी हो गई है।

‘पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत और चीन के बीच नौ दौर की राजनयिक एवं सैन्य स्तर की वार्ता के बाद पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों की सेना के पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। राजनाथ सिंह यहां भी विपक्ष पर प्रहार करने से नहीं चूके। उन्होंने भारतीय सेना की बहादुरी पर ‘संदेह’ जताने को लेकर कांग्रेस पर भी प्रहार किया।

एक इंच जमीन पर कोई कब्जा नहीं होगा

रक्षा मंत्री ने यहां भारतीय जनता युवा मोर्चा के राज्य सम्मेलन में कहा कि देश अपनी सीमा पर किसी भी तरह की ‘एकतरफा कार्रवाई’ को अनुमति नहीं देगा और इस तरह के प्रयासों को विफल करने के लिए कोई भी कीमत चुकाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक मैं जिंदा हूं कोई भी भारत की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता।

सैनिकों की बहादुरी पर शक है कांग्रेस को : राजनाथ

उन्होंने कहा, नौ दौर की सैन्य एवं राजनयिक वार्ता के बाद सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। लेकिन दुर्भाग्य से कांग्रेस भारतीय सेना की बहादुरी पर संदेह कर रही है…क्या यह उन सैनिकों का अपमान नहीं है, जो देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देते हैं।

शहीद हुए थे 20 भारतीय जवान

गलवान में पिछले वर्ष चीनी सैनिकों के साथ झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। संघर्ष में चीन के सैनिक भी मारे गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कभी भी देश की एकता, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से समझौता नहीं किया और ऐसा कभी नहीं करेगी।


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