आत्मनिर्भर भारत, 2047 तक 2.75 लाख करोड़ के हथियार एक्सपोर्ट करेंगे : राजनाथ सिंह, पन्नाधाय की प्रतिमा के अनावरण अवसर पर उदयपुर आए रक्षामंत्री

Defense Minister came to Udaipur for the unveiling of Pannadhay's statue
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उदयपुर। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत 2.75 लाख करोड़ के हथियार एक्सपोर्ट करेगा। भारत दूसरे देशों से हथियार खरीदना कम कर रहा है और खुद हथियार निर्माण कर रहा है। वर्तमान में भारत 13 हजार करोड़ रूपए के हथियार एक्सपोर्ट कर रहा है।

उदयपुर में पन्नाधाय की प्रतिमा का अनावरण करने आए राजनाथसिंह ने कहा कि भारत ने किसी देश पर आगे चलकर आक्रमण नहीं किया है और किसी भी देश की जमीन पर कब्जा नहीं किया है, लेकिन जिस देश ने भारत को आंख दिखाई उसे मुंहतोड़ जवाब दिया है। रक्षामंत्री ने कहा कि भारत ने उरी और पुलवामा हमले के बाद जिस तरह से पाकिस्तान में जाकर आतंकवादियों को सफाया किया है उससे विश्व में भारत की शक्ति का मैसेज गया है। भारत कमजोर नहीं दुनिया का ताकतवर देश बन गया है। भारत विश्व को अपना परिवार मानता है, लेकिन कभी अपने मान-सम्मान और स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे। रक्षामंत्री ने कहा कि भारतीयो को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस, यूक्रेन और अमेरिका के राष्ट्रपति से बात कर 22500 बच्चो के यूक्रेन से सुरक्षित बाहर निकाला। हम देश में रहने वाले नागरिकों के साथ दुनिया के हर कोने में रहने वाले भारतीयों की चिंता करते है। भारत की छवि दुनिया मे बदली है। कोविड के संकट के दौरान दुनिया ने माना कि भारत मे बेहतर काम हुआ। रक्षा मंत्री ने कहा कि दूसरों की कृपा पर भारत नहीं चलेगा, हम खुद हथियार बना रहे है। भारत की धरती पर टेंक, बंदूक, गोले, तोप का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया है कि 2047 तक पौने तीन लाख करोड़ का रक्षा निर्यात भारत से किया जाएगा क्योंकि हम भारत को आत्मनिर्भर भारत बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 13 हजार करोड़ का निर्यात किया जा रहा है और यह आंकड़ा 2014 तक 900 करोड़ का था। रक्षामंत्री ने कहा सेना की जरूरतों का साजो सामान हम यहीं भारत में बनाना चाहते हैं और रक्षा खरीद का 68 फीसदी हिस्सा भारत से ही खरीदेंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी कंपनी को भारत से सौदा करना है तो उसे अपनी टेक्नोलॉजी भारत को देनी होगी, वह भारत में आए फैक्ट्री लगाए, उत्पादन करें ताकि भारत के लोगों को काम मिल सके। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष और गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने भी पन्नाधाय के बलिदान को बताया और पन्नाधाय से प्रेरणा लेने का आव्हान किया। इस मौके पर महापौर जीएस टांक ने उदयपुर में नगर निगम द्वारा किए गए कामों को बताया।

राजस्थान की धरती को कई वीरों ने अपने बलिदान से सींचा

केन्द्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि राजस्थान की धरती को कई वीरों और वीरांगनाओं ने अपने बलिदान से सींचा है, उनमें से पन्नाधाय भी एक है। यहां कई वीरांगनाओं ने राजभक्ति के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर किया है। अपने पुत्र को बलिदान कर देना कोई मामूली बात नहीं है, लेकिन पन्नाधाय ने राजभक्ति के लिए एवं अपने राज्य की रक्षार्थ अपने पुत्र को बलिदान कर दिया, ऐसा बलिदान विश्व में सर्वोच्च बलिदान है।

पन्नाधाय को याद कर लो तो कोई आंख उठाकर नहीं देखेगा

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अपने सम्बोधन के दौरान पन्नाधाय को याद करते हुए कहा कि पन्नाधाय का खून है वह आपकी रगों मेें है, उस खून को याद कर ले तो किसी की भी आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं होगी।


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