पहली बार मृत्युदर घटकर 1.50 फीसदी

पहली बार मृत्युदर घटकर 1.50 फीसदी
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नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि भारत में कोविड-19 की मृत्युदर घटकर 1.50 प्रतिशत रह गई है जो 22 मार्च के बाद सबसे कम है। इसने कहा कि इसका श्रेय अस्पतालों में भर्ती मरीजों से संबंधित मामलों का चिकित्सकीय प्रबंधन करने के केंद्र, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बेहतर प्रयासों को जाता है।

एक और बड़ी राहत यह है कि तीन महीने से अधिक समय बाद 24 घंटे में कोरोना की वजह से 500 से कम लोगों की जान गई है। मंत्रालय ने कहा कि राजस्थान, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, ओडिशा, असम और केरल सहित 14 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोविड-19 संबंधी मृत्युदर 1 प्रतिशत से कम है। इसने कहा कि सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रभावी रोकथाम रणनीति, जांच क्षमता में वृद्धि और बेहतर स्तर के चिकित्सकीय प्रबंधन मानकों की वजह से मौत के नए मामलों में काफी कमी आई है।

मंत्रालय द्वारा सुबह 8 बजे दिए गए आंकडों के अनुसार पिछले 24 घंटे में 500 से कम (480) लोगों की महामारी के चलते मौत हुई है। मंत्रालय ने कहा, भारत विश्व में सबसे कम मृत्युदर वाले देशों में शामिल है। 22 मार्च के बाद मृत्युदर सबसे कम है और यह लगातार कम हो रही है। इसने रेखांकित किया कि 4 मई को महामारी संबंधी मृत्युदर 3.23 प्रतिशत थी।

भारत में इस महीने में दूसरी बार 24 घंटे के अंदर 50 हजार से कम नए मामले सामने आए। वहीं इस दौरान मरने वालों की संख्या भी 500 से कम रही। 108 दिनों बाद 24 घंटे में मरने वालों की संख्या 500 से कम है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि एक दिन में कोविड-19 के 45,148  नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 79,09,959 हो गए। वहीं 480 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,19,014 हो गई। उसने बताया कि कुल 71,37,228 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के बाद देश में मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 90.23 प्रतिशत हो गई है। वहीं कोविड-19 से मृत्यु दर 1.50 प्रतिशत है। देश में अभी सात लाख से कम लोगों का इलाज चल रहा है। आंकड़ों के अनुसार देश में अभी 6,53,717 मरीजों का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 8.26 प्रतिशत है।

भारत में 7 अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख के पार चली गई थी, 23 अगस्त को 30 लाख और 5 सितम्बर को संक्रमितों की संख्या 40 लाख के पार चली गई थी। वहीं कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख के पार, 28 सितम्बर को 60 लाख और 11 अक्टूबर को 70 लाख के पार चले गए थे।


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