तालाब में डूबने से 5 बच्चों की मौत- बचाने की जुगत में एक के बाद एक चार और डूबते गए

तालाब में डूबने से 5 बच्चों की मौत- बचाने की जुगत में एक के बाद एक चार और डूबते गए
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बड़ीसादड़ी/ चित्तौडग़ढ़ (प्रात:काल संवाददाता)। चित्तौडग़ढ़ जिले के मंगलवाड़ तालाब में डूबने से 5 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। रविार को सात बच्चे तालाब पर नहाने गए थे, जहां एक बच्चा गहराई में चला गया तो उसको बचाने के लिए एक के बाद एक कूदते गए और पांच डूब गए। हादसे के बाद परिजनों के साथ ही आसपास के गांवों में शोक पसर गया है। मृतक 5 बच्चों में से चार आपस में रिश्तेदार बताए गए हैं।

दिन में मंगलवाड़ निवासी भावेश (10) पुत्र नारायण लाल मेघवाल , चंद्रशेखर (12) पुत्र ओमप्रकाश, सुमित (8) पुत्र स्व.भेरूलाल ढोली, प्रिंस (8) पुत्र विष्णु ढोली तथा रक्षाबंधन पर अपने मामा के यहां आया इंदौरा चित्तौडग़ढ़ निवासी हरीश (12) पुत्र सत्यनारायण ढोली की मौत हो गई।  सुमित के पिता नहीं है और अपनी बहनों में इकलौता भाई था, वही प्रिंस और चंद्रशेखर अपने माता पिता के इकलौते पुत्र थे।  मौके पर उपस्थित दो और बच्चे पानी में नहीं उतरे जिससे वे बच गए।

बच्चों के चिल्लाने पर वहां थोड़ी दूर पर खड़े गांव के ही देवनारायण अहीर , किशन प्रजापत, किशन अहीर, उमाशंकर, मदन और रमेश ने पानी में छलांग लगाकर बच्चों को मशक्कत के बाद बाहर निकाला और तुरंत मंगलवाड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया जहाँ डॉक्टर ने जांच उपरांत पांचों को मृत घोषित कर लिया। सूचना के बाद मंगलवाड़ चिकित्सालय में बड़ीसादड़ी विधायक ललित ओस्तवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा है।  पुलिस जाब्ता सहित उपखंड अधिकारी मोहर सिंह मीणा भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।  इस दौरान मौके पर एडीएम प्रशासन रतनलाल, आईजी उदयपुर रेंज हिंगलाजदान, पुलिस अधीक्षक चित्तौडग़ढ़ राजेन्द्र प्रसाद गोयल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिम्मत सिंह देवल, आशीष  कुमार, मंगलवाड़ थाना अधिकारी हरेंद्र सोढा, मंगलवाड़ सरपंच धनराज मीणा, पूर्व सरपंच आशीष शर्मा, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि रमेश चौधरी, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष चंद्र शेखर शर्मा आदि मौके पर पहुंचे।

मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक-एक लाख रूपए की आर्थिक सहायता जारी

एडीएम ज्ञानमल खटीक ने बताया कि मंगलवाड़ में तालाब में डूबने से हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में पांच बच्चों की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक-एक लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता दिए जाने के प्रस्ताव भी प्रोसेस में है।


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