इंसानों तक पहुंचा बर्ड फ्लू का घातक वायरस

बर्ड फ्लू: चार राज्यों में 12 उपकेंद्रों की पहचान की गई
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मॉस्को (एजेंसी)। रूस में बर्ड फ्लू के घातक वायरस का इंसानों तक पहुंचने का पहला मामला सामने आया है। रूस के वेक्टर रिसर्च सेंटर ने पुष्टि की है कि उनके देश में 7 लोगों के अंदर एच5एन8 वायरस मिला है। ये सभी लोग एक ही पोल्ट्री फॉर्म में काम करते थे। जिसके बाद से रूस की स्वास्थ्य एजेंसियां इन सभी संक्रमित व्यक्तियों को आइसोलेशन में रखकर संपर्क में आने वाले लोगों को ट्रेस कर रही है। इससे पहले बर्ड फ्लू से इंसानों के संक्रमण के किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई थी।

रूस ने की संक्रमण की पुष्टि

वेक्टर रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिक अन्ना पॉपोवा ने रूसी मीडिया को बताया है कि रूस में एवियन इन्फ्लूएंजा ए वायरस के एच5एन8 स्ट्रेन से मानव संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि हुई है। वैज्ञानिकों ने रूस के दक्षिण में एक पोल्ट्री फार्म के सात कर्मचारियों को संक्रमित होने के बाद आइसोलेट कर दिया है। इस इलाके में दिसंबर 2020 में बर्ड फ्लू का कहर देखा गया था।

ठीक महसूस कर रहे सातों लोग

अन्ना पॉपोवा ने बताया कि सभी सातों लोग ठीक महसूस कर रहे हैं। उनके अंदर संक्रमण के बहुत हल्के लक्षण ही नजर आ रहे हैं। फिर भी एहतियातन उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। वैज्ञानिक इन लोगों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, रूस के किसी अन्य इलाके से ऐसी संक्रमण की कोई रिपोर्ट नहीं है।

क्या है बर्ड फ्लू बीमारी

एवियन इन्फ्लूएंजा या एवियन फ्लू को बर्ड फ्लू कहा जाता है बर्ड फ्लू पक्षियों से फैलने वाला रोग है। संक्रमित पक्षी के संपर्क में आने से यह रोग इंसानों को हो जाता है चाहे पक्षी मरा हो या जिंदा हो दोनो से ही रोग फैलने का खतरा रहता है। बर्ड फ्लू के लिए एच5एन1 वायरस जिम्मेदार होता है। इसके एक अन्य स्ट्रेन को एच5एन8 के नाम से जाना जाता है। यह अपने पुराने वैरियंट की अपेक्षा ज्यादा खतरनाक है।


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