क्रॉस वोटिंग करने वाली भाजपा विधायक शोभारानी कुशवाह निलम्बित, निष्कासन की कार्यवाही शुरू, कटारिया बोले- कांग्रेस ने मजबूरियों का फायदा उठाया

शोभारानी की भाजपा से खुलकर बगावत : कहा- भाजपा हमारे पास आई थी हम नहीं गए, एक भी वादा पूरा नहीं किया
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)।  बीजेपी ने कांग्रेस के राज्यसभा कैंडिडेट के पक्ष में क्रॉस वोट करने वाली अपनी विधायक शोभारानी कुशवाहा को तुरंत निलंबित कर दिया है। साथ ही पार्टी से निष्कासन की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने विधायक शोभारानी कुशवाह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन कर अपना वोट बीजेपी के प्रत्याशी को नहीं देकर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद तिवारी को दिया है।नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया की ओर से जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि 9 जून को व्हिप जारी कर पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के निर्देश उन्हें दिए गए थे। इसके बावजूद 10 जून को उन्होंने राज्यसभा चुनाव में पार्टी के अधिकृत एजेंट को जब अपना वोट दिखाया तो पाया गया कि उन्होंने पार्टी के फैसले के खिलाफ अपना वोट पार्टी प्रत्याशी को नहीं देकर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद तिवारी को दिया है। यह पार्टी अनुशासन का सरासर उल्लंघन है।

मजबूरियों का फायदा कांग्रेस ने उठाया

कटारिया ने कहा शोभारानी कुशवाह की मजबूरियों का फायदा कांग्रेस ने उठाया है। उनसे बात हुई तो शोभारानी का कहना था कि उनके पति जेल में बंद हैं। उन पर केस चल रहा है। राज्य की सरकार की ओर से उस मामले में कुछ उम्मीद उन्हें है। अपनी व्यक्तिगत परेशानियों के चलते उन्होंने यह क्रॉस वोटिंग की है। लेकिन जो भी हो पार्टी अनुशासन का उल्लंघन किया है तो एक्शन होगा।

7 दिन में स्थिति स्पष्ट करें वरना पार्टी अगला कदम उठाने को स्वतंत्र

कटारिया ने नोटिस में लिखा है कि शोभा रानी कुशवाहा को तुरंत निलंबित कर दिया है। उन्हें 7 दिन का नोटिस देकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। साथ ही पूछा है कि क्यों ना आपको इस अनुशासनहीनता के कारण पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया जाए। 7 दिन में जवाब नहीं दिए जाने पर यह मान लिया जाएगा कि इस संबंध में कुछ नहीं कहना और इस स्थिति में पार्टी अगला कदम उठाने के लिए स्वतंत्र होगी। दरअसल, शोभारानी कुशवाह के क्रॉस वोटिंग करने के कारण प्रमोद तिवारी को 41 वोट मिल गए। वरना पहली प्राथमिकता के आधार पर तिवारी की जीत नहीं हो पाती। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि एक विधायक से वोट देने में गलती हुई है। बीजेपी खेमे को जिस बात का डर था, वही हुआ। मॉक पोलिंग में बीजेपी के पांच विधायकों के वोट खारिज हो गए थे।

कांग्रेस विधायक परसराम मोरदिया का वोट खारिज

धोद से कांग्रेस विधायक परसराम मोरदिया का वोट खारिज हो गया। मोरदिया ने मुकुल वासनिक को वोट देते हुए गलती कर दी, मुकुल वासनिक के आगे नंबर में 1 लिखने की जगह टिक लगा दिया,जिसकी वजह से वोट खारिज हो गया

कांग्रेस के पक्ष में 127 विधायकों का वोट, एक वोट खारिज

कांग्रेस के पक्ष में 127 विधायकों के वोट पड़े, एक वोट खारिज हो गया। इस तरह तीनों उम्मीदवारों को 126 वोट मिले। रणदीप सुरजेवाला को 43, मुकुल वासनिक को 43 और प्रमोद तिवारी को 41 वोट मिले। जीत के लिए 41 वोट चाहिए थे। कांग्रेस का एक वोट खारिज होने के बाद भी कांग्रेस के दो उम्मीदवारों को तीन वोट ज्यादा मिले। कांग्रेस के 108, आरएलडी के सुभाष गर्ग, सीपीएम और बीटीपी के 2-2 विधायक, 13 निर्दलियों को मिलाकर कुल 126 विधायकों का समर्थन था।

बीजेपी के पास आरएलपी को मिलाकर 74 वोट थे, मिले 73

बीजेपी के 71 विधायक और हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी के 3 विधायकों को मिलाकर 74 ?वोट थे। घनश्याम तिवाड़ी को 43 वोट मिले, जबकि बीजेपी समर्थक निर्दलीय सुभाष चंद्रा को 30 वोट मिले। चंद्रा को जीतने के लिए 11 विधायकों का वोट और चाहिए था।


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