कोवीशील्ड को 9 देशों से मिला ‘ग्रीन पास’ – भारत की चेतावनी के अगले दिन यूरोपियाई देशों ने अप्रूवल दिया

भारत के लिए बेहद खास है ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की कोवीशील्ड वैक्सीन
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नई दिल्ली (एजेंसी)। वैक्सीन के ग्रीन पास को लेकर भारत और यूरोपियन यूनियन में बहस छिड़ी हुई है। इस बीच गुरूवार को यूरोप के 9 देशों ने कोवीशील्ड को ग्रीन पास देते हुए अपने यहां अप्रूव की गई वैक्सीन की लिस्ट में शामिल कर लिया है। अप्रूवल देने वाले देशों में जर्मनी, स्लोवेनिया, ऑस्ट्रिया, ग्रीस, आइसलैंड, आयरलैंड, स्पैन, स्विट्जरलैंड और एस्टोनिया शामिल हैं।

इससे पहले बुधवार को भारत ने यूरोप को चेतावनी दी थी। सूत्रों के मुताबिक, भारत ने साफ-साफ कहा था कि अगर यूरोपीय देशों की मेडिकल एजेंसी (ईएमए) ने कोवीशील्ड और कोवैक्सिन को ग्रीन पास में शामिल नहीं किया तो हम भी इन देशों के वैक्सीन सर्टिफिकेट को नहीं मानेंगे। ऐसे में यूरोपीय देशों के नागरिकों को भी भारत में क्वारैंटाइन किया जाएगा।

यूरोपीय संघ ने अपनी ‘ग्रीन पासÓ योजना के तहत यात्रा पाबंदियों में ढील दी है। सूत्रों के मुताबिक, भारत ने समूह के 27 सदस्य देशों से अनुरोध किया है कि कोवीशील्ड और कोवैक्सिन के टीके लगवा चुके भारतीयों को यूरोप की यात्रा करने की अनुमति देने पर वे अलग-अलग विचार करें।

1 जुलाई से लागू हुई ‘ग्रीन पासÓ योजना

यूरोपीय संघ की डिजिटल कोविड सर्टिफिकेट योजना ‘ग्रीन पासÓ 1 जुलाई से लागू हो गई। इसके तहत कोरोना महामारी के दौरान स्वतंत्र आवाजाही की अनुमति होगी। सूत्रों के मुताबिक, भारत ने यूरोपियन मेडिकल एजेंसी को बताया है कि भारत में वैक्सीनेट किए गए लोगों के सर्टिफिकेट को कोविन पोर्टल पर वेरिफाई किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, भारत ने कहा है कि वह भी ग्रीन पास लेकर आने वाले लोगों को अनिवार्य क्वारैंटाइन से छूट देगा।

विदेश मंत्री जयशंकर भी उठा चुके हैं मुद्दा : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि जोसेफ बोरेल फोंटेलेस के साथ बैठक के दौरान कोवीशील्ड को श्व के डिजिटल कोविड प्रमाणपत्र योजना में शामिल करने का मुद्दा उठाया था। इटली में जी20 की शिखरवार्ता से इतर यह बैठक हुई थी।

ईएमए ने सिर्फ 4 वैक्सीन को दी ग्रीन पास की मंजूरी

यूरोपीय संघ की एजेंसी यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) ने अभी तक सिर्फ चार कोविड-19 वैक्सीन को ग्रीन पास के लिए मंजूरी दी है, जिसमें बायोएनटेक-फाइजर की कॉमिरनटी, मॉडर्ना, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेजेनेका की वैक्सजेवरिया और जॉनसन एंड जॉनसन की जानसेन शामिल हैं।

ब्रिटेन और यूरोप में निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेजेनेका की वैक्सजेवरिया को मंजूरी दी गई है लेकिन कोवीशील्ड को ग्रीन पास के लिए मंजूरी नहीं दी गई है, जबकि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने भारत में सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के साथ मिलकर अपनी वैक्सीन को कोवीशील्ड का नाम दिया है। सीरम इंस्टिट्यूट द्वारा निर्मित कोवीशील्ड को जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भी मान्यता दे चुका है। वहीं इस पर ईएमए का कहना है कि सीरम इंस्टिट्यूट ने अप्रूवल के लिए अभी तक अप्लाई नहीं किया है, इसलिए कोवीशील्ड को मंजूरी नहीं मिली है।


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