पीएम केयर फंड के लेनदेन सार्वजनिक कराने से कोर्ट का इनकार

पीएम केयर फंड के लेनदेन सार्वजनिक कराने से कोर्ट का इनकार
Share

मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने पीएम केयर्स फंड के लेन-देन की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग वाली याचिका को रद्द कर दिया। इस संबंध में कोर्ट गुरूवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी। इसमें मांग की गई थी कि पीएम केयर्स फंड की सारी रसीदें और साप्ताहिक खर्चों का ब्योरा इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर डाला जाए। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता की मांग को ठुकराते हुए कहा कि अगर उन्हें या सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट के किसी अन्य दानकर्ता को अपने दान राशि के सही उपयोग पर शक है, तो वह दान न करे।

अदालत ने आगे कहा कि कोष में दान स्वैच्छिक है, लिहाजा इसमें दान करना किसी के लिये अनिवार्य नहीं है। पीठ ने कहा, अगर किसी व्यक्ति को दान किये जाने वाले अपने पैसों के इस्तेमाल को लेकर कोई संदेह है, तो यह उसके ऊपर है कि वह कोष में दान न दे। कोर्ट ने इस सिलसिले में याचिकाकर्ता को अंग्रेजी लेखक और कवि शेक्सपियर की कहानी के एक चरित्र का भी उदाहरण दिया।

जनहित याचिका नागपुर के ही एक वकील अरविंद वाघमारे की ओर से दायर की गई थी। वाघमारे ने मांग की थी कि अदालत सरकार और इस ट्रस्ट को विपक्षी दलों के कम से कम दो सदस्यों की नियुक्ति करने का आदेश दे ताकि इस कोष की पारदर्शिता बनी रहे। हालांकि, जस्टिस सुनील शुक्रे और जस्टिस अनिल किलोर की बेंच ने पीआईएल रद्द कर दी। बेंच ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि यह फंड पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट (परमार्थ संस्था) के तौर पर रजिस्टर्ड है, इसलिए इसे ट्रस्ट डीड (न्यास दस्तावेजों) के जरिए ही नियंत्रित किया जाएगा। अगर ट्रस्ट डीड में विपक्षी दलों के सदस्यों को शामिल करने के लिये कोई प्रावधान नहीं है तो अदालत ऐसा करने के लिये निर्देश नहीं दे सकती।

सुप्रीम कोर्ट रद्द कर चुकी है पीएम केयर्स फंड के पैसे ट्रांसफर करने की याचिका : गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी कह चुकी है कि वह पीएम केयर्स फंड के पैसे को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष में ट्रांसफर करने या फिर जमा करने का आदेश नहीं दे सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पीएम केयर्स फंड भी चैरिटी फंड ही है। इसलिए रकम ट्रांसफर करने की जरूरत नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था एनडीआरएफ में रकम दान कर सकता है।


Share