देश को आज मिलेगा 14वां उपराष्ट्रपति, टीएमसी के रूख और विपक्ष में फूट से माहौल एकतरफा

Country will get 14th Vice President today
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नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के 14वें उपराष्ट्रपति के चयन के लिए शनिवार को मतदान होगा। इस पद के लिए एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ और विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा के बीच चुनावी जंग महज औपचारिकता होगी। तृणमूल कांग्रेस के मतदान से दूर रहने की घोषणा, शिवसेना में फूट और चार विपक्षी दलों द्वारा एनडीए उम्मीदवार धनखड़ को समर्थन देने की घोषणा ने मुकाबले को एकतरफा बना दिया है।

संसद भवन में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। इसके तुरंत बाद मतगणना शुरू की जाएगी। देर शाम तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। दरअसल इस चुनाव में भाजपा अपने दम पर धनखड़ को चुनाव जिताने की स्थिति में थी। पार्टी के पास लोकसभा में 303 तो राज्यसभा में 91 सदस्य हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए यह संख्या काफी है। इस बीच राष्ट्रपति चुनाव की तरह ही इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार को बीजद, वाईएसआर कांग्रेस, बसपा और टीडीपी ने समर्थन देने की घोषणा की। इन दलों के दोनों सदनों में 67 सदस्य हैं। इसके अलावा लोकसभा में शिवसेना के कम से कम 13 सदस्य भाजपा के साथ हैं। इस हिसाब से एनडीए उम्मीदवार को इस चुनाव में 65 फीसदी से भी अधिक वोट मिलेंगे।

विपक्ष को टीएमसी ने दिया झटका

इस चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा के जीतने की संभावना दूर-दूर तक नहीं थी। विपक्ष के पास राष्ट्रपति चुनाव के बाद इस चुनाव में एकजुटता दिखाने का अवसर जरूर था। हालांकि टीएमसी की मतदान से दूर रहने की घोषणा के बाद एकजुटता दिखाने की रही सही उम्मीदें भी ध्वस्त हो गईं। टीएमसी ने कांग्रेस पर अपनी अनदेखी का आरोप लगाते हुए इस आशय का फैसला लेने की घोषणा की।

भाजपा की रणनीति रही कारगर

राष्ट्रपति चुनाव की तरह ही इस चुनाव में भी भाजपा की रणनीति कारगर रही। पार्टी धनखड़ के नाम पर न सिर्फ एनडीए को एक रखने में सफल रही, बल्कि उन दलों का भी फिर से समर्थन लेने में कामयाब रही, जिन दलों ने राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किया था।


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