13-14 से लगने शुरू हो जाएगी कोरोना वैक्सीन

टीका भरोसेमंद, तो सरकार क्यों नहीं लगवा रही?
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नई दिल्ली (एजेंसी)| कोरोना वायरस के दो टीकों पिछले दिनों में मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार ने टीकाकरण पर देशवासियों को बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने बताया है कि वह मंजूरी मिलने के 10 दिनों के भीतर टीके को रोल आउट करने के लिए तैयार है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को बताया कि कोरोना के मामलों में कमी की वजह से देश में स्वास्थ्य ढांचे पर बहुत पहले से काफी कम हुआ है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिलने के 10 दिनों के भीतर हम वैक्सीन को रोल आउट करने के लिए तैयार है। हालांकि अंतिम फैसला सरकार को करना होगा। डीसीजीआई ने पिछले हफ्ते सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी थी।

टीकाकरण प्रक्रिया के बारे में बात करते हुए, स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को खुद को लाभार्थी के रूप में रजिस्टर करने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि उनका डाटा एक थोक डेटाबेस में स्टोर किया गया है। राजेश भूषण ने कहा, जब हम जनसंख्या प्राथमिकता समूह में आएंगे, तो डाटा के रजिस्ट्रेशन या एडिटिंग के प्रावधान का इस्तेमाल किया जाएगा। सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक रूप से सेशन आवंटन की अनुमति देता है। यह प्रक्रिया डिजिटल होगी।

लोगों तक कैसे पहुंचेगी वैक्सीन ? वैक्सीन लोगों तक कैसे पहुंचेंगे?

इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज मंगलवार को बताया कि वैक्सीन कैरियर के जरिए वैक्सीन को कोल्ड चैन पॉइंट्स से सब सेंटर्स (जो कि जिला अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक केंद्र हो सकता है )  तक एक रेफ्रिजरेटर या इंसुलेटेड वैन (    पैसिव  इक्विपमेंट, आइस बॉक्स या टेंपरेचर कंट्रोल ) के जरिए सत्र स्थल पर ले जाया जाएगा।

जिला स्तर से इन वैक्सीन को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक फ्रीज़र डब्बों में भेजा जाएगा। जहां पर इस वैक्सीन को अंतिम रूप से लोगों को लगाया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव भूषण ने यह भी बताएं कि भारत में अभी लगभग 29,000 कोल्ड चैन पॉइंट है, जहां इस वैक्सीन को सुरक्षित तरीके से स्टोर कर रखा जा सकता है।


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