ट्रायल के 14 दिन बाद हरियाणा के गृह मंत्री को कोरोना

ट्रायल के 14 दिन बाद हरियाणा के गृह मंत्री को कोरोना
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चंडीगढ़ (एजेंसी)। हरियाणा के गृह मंत्री (स्वास्थ्य मंत्रालय का भी पोर्टफोलियो) अनिल विज कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। शनिवार को सोशल मीडिया पर उन्होंने खुद इसकी जानकारी दी। यह भी कहा कि जो लोग मेरे संपर्क में आए हैं, वे भी कोरोना टेस्ट करवा लें। विज नवंबर में कोरोना वैक्सीन के तीसरे ट्रायल में शामिल होने वाले पहले वॉलंटियर थे।

भारत बायोटेक सफाई- दोनों डोज के बाद ही वैक्सीन प्रभावी

मामला गरमाया तो कंपनी की तरफ से सफाई आई। भारत बायोटेक ने बयान जारी किया कि कोवैक्सिन का 2 ट्रायल का शेड्यूल है। दो डोज 28 दिन में दिए जाने हैं। दूसरी डोज 14 दिन बाद दी जानी है, जिसके बाद ही इसकी एफिकेसी पता चलेगी। कोवैक्सिन को इस तरह ही बनाया गया है कि दो डोज लेने के बाद ही यह असर दिखाएगी।

तीसरा ट्रायल 20 नवंबर को शुरू हुआ था

कोरोना से लडऩे के लिए भारत बायोटेक ने कोवैक्सिन बनाई है, जिसका इस समय देश में ट्रायल चल रहा है। तीसरा ट्रायल 20 नवंबर को शुरू हुआ था।

इस फाइनल फेज में विज को पहली डोज दी गई थी। मंत्री विज ने इस ट्रायल के लिए खुद वॉलंटियर बनने की पहल की थी। उन्हें को-वैक्सीन की दूसरी डोज 28 दिन बाद दी जानी थी, लेकिन इससे पहले ही वे कोरोना संक्रमित हो गए।

20 रिसर्च सेंटर पर तीसरा ट्रायल

देश के 20 रिसर्च सेंटर पर कोरोना वैक्सीन का तीसरा ट्रायल किया जा रहा है। करीब 26 हजार लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। इन सेंटरों में पीजीआईएमएस रोहतक भी शामिल है। भारत बायोटेक इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर ये ट्रायल कर रहा है। पहले दो फेज में जिन लोगों को कोरोना वैक्सीन दी गई, उनमें कोई साइड इफेक्ट नहीं नजर आया। किसी भी वॉलंटियर के कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट भी नहीं है।

केंद्र सरकार का भी आया बयान

कंपनी के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से भी बयान जारी किया गया। मंत्रालय ने कहा कि 2 डोज मिलने के एक निश्चित अवधि के बाद ऐंटीबॉडीज डिवेलप होती हैं। विज को एक ही डोज मिली थी इसलिए उनमें कोविड के खिलाफ ऐंटीबॉडीज नहीं बनीं।


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