कोरोना की ‘तीसरी लहर’ ने दी दस्तक!, महाराष्ट्र में जनवरी में 80 लाख मामले आ सकते, केंद्र ने राज्यों को अस्थायी अस्पताल बनाने का निर्देश दिया

Corona 'third wave' knocked!
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नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र ने शनिवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर उनसे स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे की तत्काल जांच करने को कहा है। केंद्र ने अस्पतालों में और बिस्तर जोडऩे, स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं को बढ़ाने के अलावा, राज्यों को सावधानी बरतने के लिए और अपनी ऑक्सीजन उपलब्धता की जांच करने के लिए भी कहा है। सचिव राजेश भूषण ने अपने पत्र में लिखा है कि दुनिया वर्तमान में कोविड-19 मामलों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज कर रही है। तेजी से बढ़ रहे कोरोना मामले तीसरी लहर की ओर इशारा कर रहे हैं।

विकसित देशों में तेजी से फैल रहा ओमिक्रॉन

उन्होंने कहा, वैरिएंट ऑफ कंसर्न ओमिक्रॉन के प्रसार के चलते दुनिया वर्तमान में कोविड-19 मामलों में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि की दर्ज कर रही है। भारत में भी कोरोना मामले 31 दिसंबर को रिपोर्ट किए गए 16,764 मामलों के बाद ऊपर की ही ओर जाते दिख रहे हैं। यूरोप और अमेरिका में कई विकसित देश पिछले कुछ हफ्तों में नए मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज कर रहे हैं, जो वायरस की तेज फैलने की क्षमता की ओर इशारा करता है। इससे पहले डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने बताया कि महाराष्ट्र में कोरोना वायरस की तीसरी लहर शुरूआती चरण में है। इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने आशंका जताई है कि जनवरी के तीसरी सप्ताह तक राज्य में कोरोना वायरस के 80 लाख मामले आ सकते हैं और 80 हजार लोगों की मौत हो सकती है।

स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर पड़ सकता है दबाव

केंद्र ने कहा कि स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे पर जल्द ही दबाव पड़ सकता है क्योंकि मामलों में अचानक वृद्धि हो रही है। इसे देखते हुए केंद्र ने राज्यों से अस्थायी अस्पताल बनाने को कहा है। राज्य हल्के से मध्यम लक्षणों वाले रोगियों के लिए होटल आवास का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। कुछ राज्यों में पहले के की लहर के दौरान इसी तरह के कदम उठाए थे।

31 दिसंबर को, केंद्र ने सभी राज्यों से सभी तरह के बुखार, शरीर में दर्द के मामलों की जांच करने को कहा। केंद्र ने कहा कि जब तक इन मामलों की पुष्टि न हो जाए तब तक उन्हें संभावित कोविड मरीज मानकर इलाज किया जाए। 2022 के पहले ही दिन, भारत ने 22,775 नए कोविड-19 मामले और 406 मौतें दर्ज कीं। शनिवार की सुबह तक ओमिक्रॉन संक्रमणों की संख्या 1431 है।

माना जाता है कि सार्स-कोव-2 का नवीनतम संस्करण ओमिक्रॉन बहुत तेजी से फैल रहा है, हालांकि इस वायरस प्रकार की गंभीरता चिंताजनक नहीं है क्योंकि अधिकांश ओमिक्रॉन रोगी एसिम्टोमैटिक हैं और अस्पताल में भर्ती हुए बिना ठीक हो रहे हैं। लेकिन अगर मरीजों को ठीक से आइसोलेट नहीं किया जाता है, तो परिवार के अन्य सदस्यों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।


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