कोरोना : दूसरी लहर खत्म नहीं – 10 दिनों में चलेगा पता, डेल्टा+ वेरिएंट पर कितना कारगर है टीका

भारत में Triple Mutation Covid Variant, कोरोना की लड़ाई में नयी चिंता
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नई दिल्ली (एजेंसी)। आईसीएमआर के वैज्ञानिक कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के नए म्यूटेशन डेल्टा प्लस वेरिएंट के बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं। कोरोना का डेल्टा वेरिएंट कितना खतरनाक है और वैक्सीन इस पर कितनी कारगर है इसके लिए आईसीएमआर के वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं। आईसीएमआर के डीजी डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि वर्तमान में महामारी से बचाव के लिए दी जा रही वैक्सीन कोरोना के डेल्टा प्लस पर कितनी कारगर है इसका पता आने वाले 7 से 10 दिनों में चल जाएगा।

उन्होंने कहा कि कोरोना के डेल्टा वेरिएंट में म्युटेशन प्रेशर से भी होता है और उसे ज्यादा बेहतर माहौल मिलने से होता है। उन्होंने कहा कि क्लस्टर में वायरस फैलने से इसका खतरा ज्यादा रहता है। डॉ. भार्गव ने कहा कि अप्रैल-जून से डेल्टा-डेल्टा प्लस वेरिएंट का कल्चर टेस्ट हो रहा है। इस टेस्ट में पता चल रहा है कि डेल्टा वेरिएंट से पब्लिक हेल्थ बहुत चेंज नहीं होती है। उन्होंने कहा कि कुछ वायरस इंफेक्शन ज्यादा फैला देते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आईसीएमआर इस पर भी रिसर्च कर रहा है कि क्या कोरोना के बदलते वेरिएंट के अनुसार वैक्सीन को भी मॉडिफाई किया जा सकता है या नहीं।

वैक्सीन का असर जानने के लिए और डाटा की जरूरत

डेल्टा प्लस वेरिएंट पर वैक्सीन का असर जानने के लिए अधिक डाटा की जरूरत होगी। चूंकि, दुनियाभर में अभी डेल्टा प्लस संक्रमण के मामले अभी काफी कम हैं ऐसे में इस पर वैक्सीन के प्रभाव का पता लगाने में अभी समय लगेगा। अभी इस बात के कोई सबूत नहीं है कि इसका संक्रमण बढ़ रहा है।

भारत समेत 85 देशों में डेल्टा वेरिएंट के केस

भारत में दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार माना जा रहा डेल्टा वेरिएंट दुनिया के 85 देशों में पहुंच चुका है और 11 इलाकों में तो इसके मामले बीते दो हफ्तों में ही सामने आए हैं। यह बात विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड पर 22 जून को जारी अपने अपडेट में कही है। ऐसे में बाकी वेरिएंट के मुकाबले डेल्टा के हावी होने की आशंका जताई है। वहीं, डेल्टा प्लस के भारत समेत अन्य देशों में कुछ ही मामले सामने आए हैं।


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