राजस्थान में कोरोना महामारी बेकाबू- 14468 नए केस 59 की मौत

केरल-महाराष्ट्र में कोरोना के 70% एक्टिव केस
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)।  राजस्थान में कोरोना संक्रमण के एक्टिव केस की संख्या 107157 पहुंच गई है। गुरुवार को प्रदेश में एक दिन में 14468 नए कोरोना पॉजिटिव मिले। कोरोना से 59 लोगों की मौत हुई है। सबसे ज्यादा 11 मौत जयपुर में हुई हैं। जोधपुर में 10 लोगों की जान गई। राज्य में हर दिन 10 हजार से ज्यादा नए मरीज मिल रहे हैं, वहीं ठीक काम हो रहे हैं। इस कारण से भी एक्टिव केस की संख्या स्थिर नहीं हो पा रही। गुरुवार को जहां 14468 मरीज बढ़े, उसकी तुलना में सिर्फ 3618 मरीज ही रिकवर हो पाए।

यहां मिले संक्रमित

कोरोना के जयपुर में 2317, जोधपुर में 1921, कोटा में 1126, उदयपुर में 1215, अलवर 623, भीलवाड़ा 602, बीकानेर 333 , सिरोही 281, चूरू 350, सवाई माधोपुर 133, सीकर 395, अजमेर 623, डूंगरपुर 287, राजसमंद 306, दौसा 301, बारां 292, चित्तौडगढ़ 270, झालावाड़ 149, बांसवाड़ा 235, बाड़मेर 333, हनुमानगढ़ 127, धौलपुर 148, पाली 345, टोंक 216, भरतपुर 132, श्रीगंगानगर 160, नागौर 168, करौली 164, जालोर 115, बूंदी 127 , झुंझुनूं 49, जैसलमेर 106, प्रतापगढ़ में 85 नए मरीज मिले हैं।

पूर्व सीएम का कोरोना पर पार्टी से अलग रूख

वसुंधरा राजे बोलीं-कोविड के समय राजनीति नहीं, राज्य नीति पर चलना होगा, तो आओ साथ चलें

कोविड संकट और वैक्सीनेशन को लेकर कांग्रेस भाजपा के बीच चल रही बयानबाजी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि कोविड के समय राजनीति नहीं,राज्य नीति पर चलना होगा। तो आओ साथ चलें। कोविड के कारण देश ही नहीं, हमारा प्रदेश भी संकट से गुजऱ रहा है। ऐसी स्थिति में डरने की नहीं, सावधानी बरतने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि अगर हम स्वेच्छा से घर पर रहते हैं तो इसका फ़ायदा परिवार को ही नहीं पूरे प्रदेश को होगा। मास्क पहनोगे और हाथ धोओगे तो इसका लाभ भी सबको मिलेगा। राजे का बयान ऐसे वक्त आया है जब भाजपा के बाकी नेता राज्य सरकार पर निशाना साध रहे हैं। राजे ने सियासी बयानबाजी से हटकर बयान दिया है। सुबह इसी लाइन पर गुलाबचंद कटारिया ने बयान दिया था। 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को फ्री वैक्सीन की मांग को लेकर कल से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया व उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ गहलोत सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

लीक से हटकर बयान

वसुंधरा राजे का यह बयान लीक से हटकर आया है। मुख्यमंत्री ने मिनी लॉकडाउन से पहले पिछले दिनों सभी दलों के नेताओं, धर्मगुरूओं से चर्चा की थी, उस वक्त राजे उसमें शामिल नहीं हुईं थीं। उस दिन भाजपा नेताओं ने कोविड में सरकार के साथ होने और इसे लेकर सियासी बयानबाजी  नहीं करने की बात कही थी। उस दिन के बाद फिर से कोरोना वैक्सीन, ऑक्सीजन और रेमडेसिवर की कमी को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग जारी है।

राजे के बयान के सियासी मायने, भाजपा के प्रदेश नेतृत्व से अलग लाइन

वसुंधरा राजे का बयान लंबे समय बाद आया है। कोविड संकट में उन्होंने भाजपा के प्रदेश नेतृत्व से अलग लाइन ली है। यह बयान भले सियासी नहीं है लेकिन इसके मायने सियासी हैं। राजे ने साफ कर दिया है कि कोरोना पर वे प्रदेश भाजपा के नेताओं के मौजूदा आरोप प्रत्यारोपों से इत्तेफाक नहीं रखतीं। उन्होंने साफ संकेत दे दिए हैं कि वे मुद्दों पर खुद स्टैंड लेंगी।


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