देश में बढ़ रहे कोरोना केस – सरकार ने भी पूर्वानुमान लगाने से की तौबा

देश में बढ़ रहे कोरोना केस
Share

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत में कोरोना के प्रतिदिन मामले 80,000 तक पहुंच गए हैं। ऐसे में विशेषज्ञ इस बात को लेकर हैरान हैं कि जब देश में कोरोना अपनी पराकाष्ठा पर होगा, तो हालात कैसे होंगे। कोविड पर प्रधानमंत्री की टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. वी.के. पॉल सहित विशेषज्ञों द्वारा लगाए गए सभी अनुमान धराशायी हो गए हैं।

अनलॉक-4.0 और त्यौहारी सीजन को देखते हुए सरकार कोई भी पूर्वानुमान देने से अब हिचकिचा रही है। व्यक्तिगत रूप से बातचीत में अधिकारी मानने लगे हैं कि जल्द ही कोरोना केसों का प्रतिदिन का आंकड़ा एक लाख छूने वाला है। मैसाचुसैट्स इंस्टीच्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी ने जून 2020 की अपनी रिपोर्ट में गणितीय मॉडल के आधार पर कहा था कि यदि कोई इलाज या वैक्सीन नहीं आती है तो भारत में 2021 तक प्रतिदिन 2.87 लाख मामले पहुंच सकते हैं। परंतु केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस दावे को यह कहकर अस्वीकार कर दिया था कि गणितीय मॉडल उन प्रयासों और पहलों को अनदेखा कर देता है जो सरकार की ओर से की जाती हैं।

अमरीका की मिशिगन यूनिवर्सिटी की एपीडैमियोलॉजी की प्रोफेसर डॉ. भ्रमर मुखर्जी ने सरकार को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि हमारे अनुमान के अनुसार कोरोना अभी शीघ्र ही राष्ट्रीय स्तर पर पराकाष्ठा पर नहीं पहुंचेगा परंतु अगले दो महीने में पूरे देश में जगह-जगह यह ऊंचाई को छू सकता है। उनके अनुसार विभिन्न एजेंसियों ने भारत में कोरोना के जो आंकड़े बताए हैं, हमारे मॉडल के अनुसार उससे दस गुना मामले भारत में मौजूद हैं। जबकि अधिकतर रोग विशेषज्ञों ने जुलाई-अगस्त में संक्रमण की पराकाष्ठा का पूर्वानुमान लगाया था, जबकि कुछ विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय पराकाष्ठा की धारणा को अस्वीकार कर दिया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने बाजार का अध्ययन करने के बाद 17 अगस्त को प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में कहा था कि 27 राज्यों में से 22 में अभी कोरोना मामलों की पराकाष्ठा आने वाली है।

देश में इस समय मृत्यु दर 2 प्रतिशत है जबकि रिकवरी दर 77 प्रतिशत है। इससे लगता है कि कोरोना पराकाष्ठा पर पहुंचकर जल्द चला जाएगा परंतु अभी कोई तिथि निर्धारित नहीं की जा सकती। विशेषज्ञों को एक और चिंता सता रही है और वह है रीप्रोडक्शन फैक्टर (आर.ओ.) जो लगातार 1.20 बना हुआ है। चिंता इसलिए क्योंकि एक व्यक्ति अभी भी 1.20 व्यक्तियों को संक्रमित कर रहा है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि भारत अभी भी आंकड़े छुपा रहा है और सही तस्वीर पेश नहीं कर रहा है।


Share