गाबा टेस्ट में नो बॉल मॉनिटङ्क्षरग तकनीक काम न करने पर विवाद

Controversy over no ball monitoring technique not working in GABA test
BRISBANE, AUSTRALIA - DECEMBER 09: Travis Head of Australia bats during day two of the First Test Match in the Ashes series between Australia and England at The Gabba on December 09, 2021 in Brisbane, Australia. (Photo by Chris Hyde/Getty Images) (Photo by Chris Hyde/Getty Images)
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ब्रिस्बेन (एजेंसी)। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच गाबा के मैदान पर खेले जा रहे पहले एशेज टेस्ट मैच में नो बॉल की मॉनिटङ्क्षरग करने वाली तकनीक के काम न करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

दरअसल गाबा में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच पहले एशेज टेस्ट के दूसरे दिन गुरूवार को 13वें ओवर में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज  बेन स्टोक्स डेविड वार्नर का विकेट लेने से चूक गए। वार्नर को हालांकि पहले आउट दिया गया था, लेकिन रीप्ले से नो बॉल का पता लगने के बाद अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा। इस प्रकरण के बाद ऑस्ट्रेलिया के एशेज प्रसारक चैनल 7 ने  खुलासा किया कि स्टोक्स ने मैच के दूसरे दिन गुरूवार को 14 बार अपना पैर क्रीज से बाहर निकाला, लेकिन केवल दो बार ही नो बॉल दी गई। प्रसारक ने यह भी कहा कि यहां तक कि स्टोक्स ने वार्नर को आउट करने से पहले डाली तीन गेंदों पर भी क्रीज से पैर बाहर निकाला, लेकिन अंपायर ने उन्हें नो बॉल करार नहीं दिया।  बाद में हालांकि  यह  पुष्टि हुई कि खेल शुरू होने से पहले हर गेंद पर गेंदबाज का पैर चैक करने  वाली तकनीक खराब हो गई थी। ऐसे में गाबा टेस्ट खेल की पुरानी परिस्थितियों  के अनुसार खेला जा रहा था। इसके तहत केवल उस गेंद पर ही नो बॉल चैक की जाती है, जिस पर गेंदबाज विकेट लेता है।

इस घटना के बाद मैच अधिकारी सवालों के घेरे में खड़े हो गए हैं। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस पर कहा कि गाबा में तकनीक से जुड़ी समस्या का मतलब है कि प्रत्येक गेंद पर रीप्ले नहीं लिया जा सकता। ऐसे में फील्र्ड अंपायरों को ही इस पर फैसला करना होगा।


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