भोपाल सांसद को सेक्सटॉर्शन में फंसाने की साजिश बेनकाब, भरतपुर के 2 युवकों ने ब्लैकमेल करने का बनाया था प्लान, भोपाल पुलिस ने दबोचा

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भरतपुर (कार्यालय संवाददाता)। भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को सेक्सटॉर्शन में फंसाने की साजिश रचने वाले 2 युवकों को गिरफ्तार किया गया है। एमपी पुलिस ने भरतपुर के सीकरी में छापेमारी कर इन्हें दबोचा है। दोनों सगे भाई हैं। भोपाल पुलिस दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल लेकर जा रही है। भरतपुर आईजी प्रसन्न कुमार खमेसरा ने कहा कि यह साइबर क्राइम का मामला था। आरोपियों को गिरफ्तार कर एमपी पुलिस को सौंप दिया गया है। सांसद ने सेक्सटॉर्शन की साजिश रचने की एफआईआर भोपाल के टीटी नगर में करीब 8 दिन पहले दर्ज कराई थी। गिरफ्तार हुए दोनों आरोपी रवीन उम्र 23 साल और वरिस उम्र 21 साल दोनों ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं। परिवार खेती-बाड़ी करता है। दोनों भाई कम पढ़े लिखे हैं। लेकिन साइबर अपराध को अंजाम देने में माहिर हैं। बताया जा रहा है कि दोनों को ठगी करते समय यह नहीं पता था की वह किसे सेक्सटॉर्शन के जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।

साध्वी को इस तरह फांसने की कोशिश

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने पुलिस को बताया था कि 6 फरवरी को शाम करीब 7 बजे उनके मोबाइल पर वॉट्सऐप मैसेज आया। ‘हेलो मुझे आपसे बात करनी है।‘मैसेज आया। इस पर सांसद ने रिप्लाई किया ‘आप अपना पूरा परिचय भेजो बेटा। ‘कुछ देर बाद सांसद के पास उसी नंबर से वीडियो कॉल आया। इसे सांसद ने अटेंड किया। वीडियो कॉल उठाते ही सांसद ने कहा ‘हरिओम।‘ वीडियो कॉल पर एक लड़की दिखाई दे रही थी। वह अपने कपड़े उतारने लगी।

फोटो वायरल करने की धमकी दी

इतने में सांसद ने वीडियो कॉल काटकर उसे ब्लॉक कर दिया। कुछ देर बाद दूसरे नंबर से एक फोटो आया। फोटो में पहले नंबर से गई वीडियो कॉल का स्क्रीन शॉट था। सांसद को धमकी दी कि वह इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। इसके बाद सांसद को रात 2 बजकर 30 मिनट तक दूसरे नंबर से कॉल आते रहे। सांसद ने कॉल रिसीव नहीं किया।

7 फरवरी को भोपाल के टीटी नगर में सांसद ने रिपोर्ट दर्ज कराई। भोपाल पुलिस ने फोन करने वाले नंबरों को ट्रेस किया। नंबर राजस्थान के निकले। भरतपुर जिले के सीकरी के चंदा का बास बनेनी गांव के पते पर नंबर रजिस्टर्ड था। भोपाल पुलिस ने भरतपुर पुलिस के साथ मिलकर आरोपियों को दबोचने का प्लान बनाया। सोमवार दोपहर भोपाल सब इंस्पेक्टर देवेंद्र साहू अपनी टीम के साथ सीकरी थाने पहुंचे। साइबर सेल से दोनों आरोपियों की लोकेशन ट्रैस की गई थी। पुलिस को आरोपियों की मूवमेंट के बारे में जानकारी थी। भोपाल और सीकरी पुलिस ने मिलकर दोपहर करीब 3 बजे चंदा का बास बनेनी गांव में दबिश दी और घर से रवीन और वरिस को गिरफ्तार कर लिया।

वॉट्सऐप कॉल कर फंसाने की साजिश

कुछ दिन पहले ही साध्वी प्रज्ञा कोविड पॉजिटिव हो गई थीं। 5 फरवरी को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वे घर पर दो दिन से आराम कर रही थीं। इसी दौरान इन युवकों ने उन्हें फंसाने की कोशिश की। साध्वी 6 फरवरी की शाम दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से वॉट्सऐप कॉल कर फंसाने की साजिश रची गई थी।


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