कांग्रेस की नई टीम की परीक्षा

कांग्रेस की नई टीम की परीक्षा
Share

20 जिलों के 90 निकाय चुनाव में होगी डोटासरा टीम की पहली परीक्षा

उपाध्यक्ष, महासचिवों को मिलेगा जिलों का प्रभार

उधर पूनियां भाजपा में चल रही गुटबाजी से कैसे पाएंगे पार

जयपुर (कार्यालय संवाददाता)।  कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटसरा की नई टीम की पहली परीक्षा 28 जनवरी को 20 जिलों के 90 निकाय चुनाव में होगी। प्रदेश संगठन में नियुक्तियों की सूची जारी करने के साथ ही कांग्रेस इन नए पदाधिकारियों को फील्ड में सक्रिय करने की योजना भी बना चुकी है। नए पदाधिकारियों के लिए नई जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं। उपाध्यक्ष व महासचिवों को जिलों का प्रभारी बनाकर भेजा जाएगा। जिला प्रभारियों की नियुक्ति के साथ कांग्रेस 90 निकायों के चुनावों के लिए भी ये प्रभारी जिलों में काम शुरू करेंगे। इन प्रभारियों की रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही जिलाध्यक्षों की नियुक्तियां भी की जाएंगी। इसके अलावा जिलों के बोर्ड और कॉरपोरेशन में होने वाली राजनीतिक नियुक्तियां भी इन्हीं प्रभारियों की राय लेकर की जाएगी। इनमें से प्रत्येक उपाध्यक्ष और महासचिव को दो से तीन जिलों का प्रभार सौंपा जाएगा। यहां इनके साथ सचिवों को भी अटैच किया जाएगा। जिलों में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर ये पदाधिकारी यहां के प्रभारी मंत्रियों से भी राय लेंगे। जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस का यह नया प्रयोग है।

जिलाध्यक्ष व राजनीतिक नियुक्तियों में भी दखल

राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन ने बताया कि प्रभारियों को एक-दो दिनों में जिलों में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रभारियों के जिलों में जाने के साथ ही जिलाध्यक्षों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्षों की नियुक्ति भी महत्वपूर्ण है। इसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। संगठन विस्तार की पहली सूची को लेकर माकन ने कहा कि इसमें जातीय संतुलन के साथ सभी संभागों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।

भाजपा जीतने को थ्री लेयर सिस्टम से उम्मीदवारों का नाम फाइनल करेगी

पंचायत चुनाव में जीत और निकाय चुनाव में मिली हार के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां की 90 निकाय चुनावों में एक बार फिर परीक्षा होगी। पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी से निपटने और चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए भाजपा ने प्रत्याशी चयन करने के लिए थ्री लेयर सिस्टम अपनाने की तैयारी में है, जिसके तहत प्रत्याशियों को टिकट वितरण किया जाएगा।

पार्टी ने निकाय चुनाव के लिए मजबूत दावेदार तलाशने के लिए एक सर्वे कराने काम शुरू करने जा रही है। इस काम के पूरा होने के साथ ही प्रभारियों से दावेदारों की रिपोर्ट पार्टी लेगी। इनके अलावा विधायकों से भी पार्टी मजबूत प्रत्याशियों की सूची लेगी। इन तीन सूचियों के आधार पर ही पार्टी प्रत्याशियों के नाम तय करेगी।

50 निकाय चुनाव में मिली हार से सबक लिया

पार्टी ने डेढ़ महीने पूर्व सम्पन्न हुए 50 निकायों के चुनाव से सबक लिया है। ऐसे में 20 जिलों में होने वाले चुनाव को भाजपा ने काफी अहम मानते हुए प्रभारियों की नियुक्ति की है। इसमें विधायक, पूर्व विधायक, पदाधिकारियों को जोड़ा है ताकि ये चुनाव उनकी प्रतिष्ठा से भी जुड़े रहे। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री व सांसदों को भी पार्टी जोडेगी। पार्टी ने हाल ही में एक बैठक करके पिछले निकाय चुनाव में मिली हार की समीक्षा की थी।

संगठन स्तर पर मजबूती देने के काम में जुटे नेता

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने प्रत्येक जिले में संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम शुरू किया है। इसके तहत जिलों में दौरे और वर्चुअल संवाद किए जा रहे हैं। पार्टी प्रभारी अरूण सिंह को भी इससे जोड़ा गया है। सतीश पूनियां का मानना है कि संगठन और बूथ स्तर पर मजबूती ही जीत का आधार तय करेगी। पार्टी नेता इस समीक्षा से ये जानना चाहते थे कि कमियां कहां-कहां थी ताकि आगामी चुनावों में गलतियां होने की संभावना नहीं रहे।

बगावत, भीतरघात और गुटबाजी का खतरा भी

निकाय चुनाव के दौरान हाल ही में अजमेर सहित कई जिलों में पार्टी के बीच बगावत सामने आई। ऐसे में पार्टी बगावत, भीतरघात और गुटबाजी से बचने की दिशा में भी काम कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की निगरानी में ये सब काम हो रहे है।


Share