शिवसेना-कंगना की लड़ाई में डूब रही कांग्रेस की लुटिया

शिवसेना-कंगना की लड़ाई में डूब रही कांग्रेस की लुटिया
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मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। महाराष्ट्र की महाविकास आघाड़ी सरकार में शामिल कांग्रेस के सामने अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत से शिवसेना के विवाद के बीच पूर्व नौसेना अधिकारी की पिटाई से प्रदेश कांग्रेस के नेता असहज हैं। लेकिन गठबंधन की मजबूरी में उनके मुंह बंद हैं। लेकिन अंदरखाने कांग्रेस नेताओं में अकुलाहट है। उन्हें यह चिंता होनी शुरू हो गई है कि कहीं यह मामला महाराष्ट्र में कांग्रेस की लुटिया न डुबो दे।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सरकार बनाने के बाद से ही कांग्रेस की तुलना में एनसीपी को ज्यादा महत्व मिल रहा है। उद्धव ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार कई बार बंद कमरे में कोई निर्णय ले लेते हैं जिसकी कांग्रेस मंत्रियों तक को खबर नहीं होती। कांग्रेस के मंत्री इस पर अपना विरोध भी व्यक्त कर चुके हैं। इन सब के बीच हाल के दिनों में उद्धव सरकार की कार्यपद्धति में भी काफी बदलाव आया है।

कंगना का ऑफिस तोड़े जाने और पूर्व नौसेना अधिकारी मदन शर्मा की पिटाई के मामले में कांग्रेस बैकफुट पर है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कहते हैं कि मुख्यमंत्री ठाकरे मंत्रियों से जल्दी बात नहीं करते। मौजूदा परिस्थिति में कांग्रेस के अनुभवी मंत्री काफी सहयोग दे सकते हैं। इसलिए कांग्रेस सत्ता में रहकर भी कुछ नहीं कर पा रही है। अगर राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष होते तो महाराष्ट्र में कांग्रेस की हैसियत कुछ और होती।

राउत के बाबरी मस्जिद तोडऩे वाले बयान से भी खफा हैं नेता

शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत के बाबरी मस्जिद तोडऩे वाले बयान से भी कांग्रेस के नेता खफा हैं। कंगना ने ऑफिस तोड़े जाने पर ट्वीट कर शिवसेना को बाबर सेना कहा था। इसके बाद संजय राउत ने कहा था कि शिवसेना को बाबर सेना कहने वाले जान लें कि हम वही लोग हैं जिन्होंने बाबरी मस्जिद तोड़ी थी। अब कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं का कहना है कि कल जब शिवसेना नेता मंच से यह बात कहेंगे तो कांग्रेस क्या जवाब देगी।


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