सोशल मीडिया के ‘दम’ पर उ. प्र. फतह करने में जुटी कांग्रेस

सोशल मीडिया के 'दम' पर उ. प्र. फतह करने में जुटी कांग्रेस
Share

नई दिल्ली (एजेंसी)। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही सोशल मीडिया पर सभी राजनीतिक पार्टियों के डिजिटल लड़ाकों ने अपनी कमर कस ली है। आम आदमी पार्टी की हालिया एंट्री के बाद कांग्रेस का अचानक विभिन्न तरीकों से प्रदेश सरकार पर हमलावर हो जाना इस बात का सबूत है कि 2022 की रणभेरी बज चुकी है। सोशल मीडिया पर आप और भाजपा शुरूआत से ही काफी प्रभावी हैं। लेकिन इस क्षेत्र में कमतर आंकी जाने वाली कांग्रेस ने कोरोना वायरस संकट के दौरान आक्रामक और प्रभावशाली तरीके से लोगों तक अपनी बात पहुंचा कर सत्ता पक्ष के लिए नई चुनौतियां पेश कर रही है।

सत्ता पक्ष को डिजिटल अखाड़े में अपने नए दांव से कम समय में कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम ने जिस प्रकार से घिरा है वो विशेषज्ञों को हैरान करने वाला है। हाल ही में ‘गाय बचाओ, किसान बचाओ’ अभियान में जिस प्रकार से सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक पर सत्ता पक्ष को घेरकर हो-हल्ला मचाया गया, उसके परिणामस्वरूप प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू से लेकर अन्य कांग्रेसी नेताओं को सरकार द्वारा आनन-फानन में गिरफ्तार करना पड़ा।

यह पहला मौका था जब गाय के मुद्दे पर कांग्रेस ने सत्ता पक्ष को बैकफुट पर धकेलने का काम किया। मृत गायों से लेकर बदहाल गौशालाओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा प्रदेश कांग्रेस और विशेष रूप से सोशल मीडिया विभाग की सीधी मॉनिटरिंग से बीते छह महीने के दौरान काफी क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

कांग्रेस आईटी सेल की ओर से लॉकडाउन की शुरूआत से लेकर आज तक 10 से ज्यादा स्पीक अप कैंपेन चलाए गए हैं, जिस पर कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता वीडियो संदेश के जरिए अपनी बात रखते हैं, आईटी सेल की ओर से चलाए गए स्पीक अप कैंपेन सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड हुए। इसके अलावा कांग्रेस अपना लंबा चौड़ा इतिहास जनता तक पहुंचाने के लिए ‘देश की धरोहर’ नाम से सीरीज चला रही है, जिसमें पार्टी अपना गौरवशाली इतिहास सोशल मीडिया के जरिए जनता तक पहुंचा रही है।


Share