महंगाई के खिलाफ कांग्रेस की महारैली, मोदी सरकार पर बरसे राहुल- मैं हिंदू हूं, लेकिन हिंदुत्ववादी नहीं

Congress rally against inflation
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। रविवार को कांग्रेस की महंगाई के खिलाफ महारैली में राहुल गांधी मोदी सरकार पर जमकर तीर चलाए। रैली को संबोधित करते हुए कहा कि देश को जनता नहीं चला रही, तीन-चार पूंजीपति चला रहे हैं और प्रधानमंत्री उनका काम कर रहे हैं। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि देश की राजनीति में दो शब्दों की टक्कर चल रही है। एक एक शब्द है हिंदू और दूसरा शब्द है हिंदुत्ववादी। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई की वजह हिंदुत्ववादी हैं।  साथ ही राहुल गांधी ने महंगाई के लिए भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी के अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, अजय माकन, मल्लिकार्जुन खडग़े समेत कई दिग्गज कांग्रेसी मौजूद रहे।

हिंदू और हिंदुत्ववाद की परिभाषा बताई

इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि वह हिंदू और हिंदुत्ववादी के बीच के अंतर को स्पष्ट करना चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि मैं हिंदू हूं, लेकिन हिंदुत्ववादी नहीं हूं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी हिंदू थे, लेकिन गोडसे हिंदुत्ववादी था। राहुल ने कहा कि कुछ भी हो जाए हिंदू सत्य को ढूंढता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने ऑटोबायोग्राफी लिखी माई एक्सपेरिमेंट विद ट्रूथ। सारी जिंदगी सच को जानने में बिताई और अंत में एक हिंदुत्ववादी ने छाती में गोली मार दी। राहुल गांधी ने कहा कि देश में हिंदुत्ववादियों का राज है, हिंदुओं का नहीं। उन्होंने कहा कि देश में हिंदू रहते हैं, लेकिन हिंदुत्ववादी देश को चला रहे हैं। हमें एक बार फिर इन हिंदुत्वादियों को बाहर निकालना है, हिंदुओं का राज लाना है।

कहा-हिंदुत्ववादी     सत्ता ढूंढता है

राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुत्ववादी पूरी जिंदगी सत्ता ढूंढने में लगा देता है। सत्ता के लिए वह कुछ भी कर देता है। उसका रास्ता सत्याग्रह नहीं, सत्ताग्रह है वह सत्ता के लिए किसी को मार देगा, कुछ भी कर देगा। राहुल ने कहा कि हिंदू डर का सामना करता है और एक इंच पीछे नहीं हटता। कांग्रेस नेता ने इस मौके पर भगवान शिव का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि हिंदू शिवजी की जैसे अपने डर को निगल लेता है। वहीं हिंदुत्ववादी अपने डर के आगे झुक जाता है, डर के आगे मत्था टेकता है। हिंदुत्ववादी को डर के चलते उसके अंदर नफरत आती है। हिंदू डर का सामना करता है इसलिए उसके दिल में प्यार रहता है। राहुल ने इस मौके पर गीता का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि गीता में लिखा है सत्य की लड़ाई लड़ो। गीता में कृष्ण ने यह नहीं कहा कि अपने भाइयों को सत्ता के लिए मारो, अपने भाइयों को सच के लिए मारो। 3000 साल में हिंदू दबाया नहीं गया, कभी नहीं दबाया जा सकता।

मोदी ने किसानों को पीछे से चाकू मारा

नरेंद्र मोदी और उनके तीन-चार उद्योगपतियों ने देश को बर्बाद कर दिया। किसानों का कर्जा माफ कर दिया क्योंकि किसानों को कर्जामाफी की जरूरत है। मोदी ने किसानों की छाती में चाकू मार दिया। वो भी पीछे से मारा, क्योंकि मोदी हिंदुत्ववादी हैं। हिंदू अगर मारता है तो आगे से मारता है, लेकिन हिंदुत्ववादी ने पीछे से मारा। और जब हिंदू सामने खड़ा हो गया तो हिंदुत्ववादी ने कहा, ‘मैं माफी मांगता हूं।Ó राहुल ने कहा कि आज देश की एक प्रतिशत आबादी के हाथ में 33 प्रतिशत धन है। वहीं 50′ आबादी के हाथ में मात्र 6 फीसदी धन। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का 90’ कॉरपोरेट प्रॉफिट 20 कंपनियों को जाता है।

दुनिया घूम ली, किसानों से नहीं मिल पाए : प्रियंका

रैली में प्रियंका गांधी ने भी केंद्र सरकार और भाजपा की रीति-नीति पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनता के लिए काम नहीं कर रही है। यह सिर्फ गिने, चुने उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है। केंद्र की सरकार झूठ, लालच और लूट वाली सरकार है। गोवा में एक उद्योगपति के कोयल को इधर से उधर ले जाने के लिए लोगों की मर्जी के खिलाफ सड़क बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी पर्यटन में व्यस्त है। उन्होंने दुनिया घूम ली, लेकिन दिल्ली में किसानों से बातचीत करने नहीं जा पाए। भाजपा कहती है कि 70 साल में कुछ नहीं हुआ। मैं चुनौती देती हूं कि एक कोई संस्थान ऐसा बता दे, जो शिक्षा के लिए भाजपा ने इन सात सालों में बनाया है।

पहले प्र.म. जो सीएम की चिट्ठी का जवाब नहीं देते : गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि तमाम राज्य सरकारें वित्तीय संकट में हैं, केंद्र चुप है। विकास होगा राज्य सरकारें करेंगी। संकट आएगा, राज्य पार पा सकते हैं। कोरोना का संकट आया, राजस्थान सिरमौर रहा। नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो मुख्यमंत्री के पत्र का जवाब नहीं देते हैं। यह सरकार घमंड से चल रही है।


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