कांग्रेस की नेताओं को कड़ी नसीहत- ट्वीट-ट्वीट ना खेलें

कांग्रेस की नेताओं को कड़ी नसीहत- ट्वीट-ट्वीट ना खेलें
Share

नई दिल्ली (एजेंसी)। इस साल की शुरूआत में मध्य प्रदेश और अब राजस्थान में मचे सियासी घमासान के बीच कांग्रेस ने अपने नेताओं को कड़ी नसीहत दी है। पार्टी ने सीनियर और जूनियर नेताओं को आपस में न उलझने की सलाह देते हुए वरिष्ठ नेताओं से छोटों को गाइड करने के लिए कहा है। इसके अलावा पार्टी ने नेताओं से सोशल मीडिया पर बयानबाजी से बचने और अपनी बात को पार्टी फोरम पर रखने के लिए कहा है।

कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, हम अपने उन सारे दोस्त जो ट्विटर-ट्विटर खेल रहे हैं और ट्विटर पर बयानबाजी कर रहे हैं उनसे कहना चाहेंगे कि आप पार्टी के आंतरिक प्लेटफॉर्म्स पर अपनी बात रख सकते हैं क्योंकि हमारी पार्टी में लोकतंत्र है। हम जबरदस्ती लोगों को रिटायर नहीं करते

सुरजेवाला के इस बयान की टाइमिंग को काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल, हाल ही में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी के लिए एक सलाह ट्वीट की थी। इससे कांग्रेस के एक युवा सांसद काफी नाराज हो गए थे। इन युवा सांसद को राहुल का काफी करीबी माना जाता है। दरअसल, दिग्विजय ने कहा था कि राहुल अलग तरह से राजनीति करना चाहते हैं। हमें उन्हें यह करने देना चाहिए, पर हम चाहेंगे कि वे संसद में ज्यादा एक्टिव हों और लोगों की उन तक आसानी से पहुंच हो। दिग्विजय ने सलाह देते हुए कहा था कि शरद पवार के कहने के मुताबिक ही राहुल को भारत के दौरे पर निकलना चाहिए, क्योंकि यात्राएं लोगों से जुडऩे के लिए अहम होती हैं।

दिग्विजय के इस बयाने के बाद कई अन्य नेताओं ने भी अपनी भावनाएं ट्वीटर पर ही जाहिर करना शुरू कर दिया। लोकसभा सांसद मनिकराम टैगोर ने दिग्विजय को याद दिलाते हुए कहा कि राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह क सामना करने के लिए कई पदयात्राएं की थीं। टैगोर ने आगे कहा, मुझे लगता है कि जो लोग पार्टी में उच्च पदों पर हैं, वे उनके (राहुल के) साथ खड़े हैं और पीठ पीछे उनकी आलोचना नहीं करते। हम ज्यादा समय विपक्ष में नहीं रहेंगे। बाद में टैगोर ने यह ट्वीट डिलीट कर लिया था।

सुरजेवाला ने नेताओं को जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि वरिष्ठ नेताओं के पास जिम्मा है कि वे युवा नेताओं का मार्गदर्शन करें। उनके भविष्य के लिए रास्ता बनाएं। इसलिए मेरा साथियों से अनुरोध है कि वे इस समय मोदी सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ एकजुट हो कर खड़े हों, ताकि सरकार देश को आर्थिक संकट से बाहर निकालने और चीन की हरकतों का जवाब देने लायक नीति तैयार करे। यही असली देशभक्ति होगी।


Share