48 निकायों में कांग्रेस, 37 पर भाजपा; अजमेर फिर भगवा

48 निकायों में कांग्रेस, 37 पर भाजपा; अजमेर फिर भगवा
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जयपुर (एजेंसी)। राज्य के निकाय चुनावों में एक बार फिर गहलोत सरकार का दबदबा साबित हुआ है। सत्ताधारी पार्टी ने राज्य के 20 जिलों में हुए 90 निकायों के चुनाव में 48 में अपने बोर्ड बना लिए हैं। भाजपा केवल 37 निकायों में ही बोर्ड बना पाई है। सबसे बड़े अजमेर नगर निगम में एक बार फिर भाजपा ने अपना हक साबित किया है यहां भाजपा की बृजलता हाड़ा मेयर चुनी गई।

पिछले चुनाव के मुकाबले कांग्रेस को दोगुना और भाजपा को आधे निकाय ही मिले हैं। सबसे रोचक मुकाबला कुचामन नगर पालिका में रहा। जहां भाजपा की क्रॉस वोटिंग की वजह से 38 साल बाद कांग्रेस का हाइब्रिड प्रत्याशी की जीत हुई। भाजपा और कांग्रेस के अलावा एनसीपी, आरएलपी और जनता सेना ने भी एक-एक निकाय में अपना बोर्ड बनाया है। दूसरी ओर दो निकाय ऐसे भी हैं, जिन पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने कब्जा किया है। तीन निकायों में पहले ही अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। बड़े दावे करने वाले आरएलपी प्रमुख व सांसद हनुमान बेनीवाल केवल एक बोर्ड बनवाने में सफल हुए।  इन 90 निकायों में सबसे बड़ा चुनाव अजमेर नगर निगम का था, जहां भाजपा की बृजलता हाड़ा मेयर चुनी गई हैं। यहां पूर्व में भी भाजपा का बोर्ड था। इन चुनावों में राज्य के 9 नगर परिषदों में कांग्रेस ने 3 पर और भाजपा ने 5 पर जीत दर्ज की। नागौर नगर परिषद में निर्दलीय को सभापति चुना गया है। कांग्रेस ने नगर पालिकाओं में भाजपा से ज्यादा 45 बोर्ड बनाए हैं। जबकि भाजपा सिर्फ 31 नगर पालिकाओं में ही अपने बोर्ड बना पाई है।

पहली बार हाईब्रिड नियम

राजस्थान की गहलोत सरकार के नए नियम हाईब्रिड पावर नियम इस चुनाव में लागू हुए। इस के तहत बिना पार्षद चुनाव लड़े व्यक्ति सीधा चेयरमैन पद के लिए चुनाव लड़ सकता है। बशर्ते चुनाव जीतने के बाद उसे छह महीने के अंदर पार्षद बनना होगा।

 


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