पुडुचेरी में कांग्रेस सरकार गिरी – ‘केंद्र ने धोखा दिया, भाजपा हिंदी थोपना चाहती है’

कांग्रेस को फ्लोर टेस्ट से पहले एक और झटका
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पुडुचेरी (एजेंसी)। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में कांग्रेस की अगुआई वाली सरकार गिर गई। मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी सोमवार को बहुमत साबित नहीं कर सके और अपने विधायकों के साथ सदन से वॉकआउट कर दिया। कुछ देर बाद ही वे राजभवन पहुंचे और उपराज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है।

विधानसभा के विशेष सत्र में नारायणसामी ने कहा, हमने द्रमुक और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई थी। इसके बाद हमने कई चुनाव देखे। सभी उपचुनावों में हमने जीत दर्ज की। एक बात साफ हो चुकी है कि पुडुचेरी के लोगों का हम पर भरोसा है।

सरकार संकट में आई तो केंद्र ने उपराज्यपाल को बदला

16 फरवरी को कांग्रेस के चौथे विधायक का इस्तीफा होते ही केंद्र की मोदी सरकार एक्शन में आई और आनन-फानन में किरण बेदी को उपराज्यपाल पद से हटा दिया गया। उनकी जगह तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन को प्रभार सौंपा गया। सुंदरराजन ने सरकार से 22 फरवरी को बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था।

नारायणसामी ने सरकार गिरने का ठीकरा केंद्र की मोदी सरकार पर फोड़ा। उन्होंने कहा, पूर्व एलजी किरण बेदी और केंद्र सरकार ने विपक्ष के साथ मिलकर सरकार गिराने की कोशिश की। अगर हमारे विधायक हमारे साथ होते, तो सरकार पांच साल चलती। केंद्र से हमने फंड मांगा था, उसे न देकर सरकार ने पुडुचेरी के लोगों के साथ धोखा किया।

सीएम ने यह आरोप भी लगाया कि पुडुचेरी पर हिंदी अपनाने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हम दो भाषाओं को स्वीकार करते हैं, लेकिन भाजपा हम पर जबरन हिंदी थोपना चाहती है।

विधानसभा के विशेष सत्र में सीएम नारायणसामी ने केंद्र की मोदी सरकार को कोसा। बाद में मीडिया से कहा कि स्पीकर ने नॉमिनेटेड विधायकों को वोटिंग का अधिकार देकर हमारी सरकार गिरा दी। यह लोकतंत्र की हत्या है।


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