कांग्रेसी पार्षदों की फूट उजागर, एक गुट रहा भाजपा समर्थन में

कांग्रेसी पार्षदों की फूट उजागर, एक गुट रहा भाजपा समर्थन में
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उदयपुर। नगर निगम में मंगलवार को जोर घटनाक्रम हुआ था उससे कांग्रेसी पार्षदों में चल रही गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। जब एक गुट ने बैठक का बहिष्कार कर दिया तो दूसरा गुट बोर्ड बैठक में जमकर बैठा रहा और भाजपा नेताओं की हां में हां मिलाता रहा। ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस के इस गुट को भाजपा पार्षदों ने पहले ही मैनेज कर लिया, इसी कारण ये लोग अपनी-अपनी सीटों से उठे तक नहीं।

जानकारी के अनुसार कांग्रेसी पार्षदों का एक गुट बहिष्कार कर बाहर निकल गया और नारेबाजी करने लगा था। वहीं दूसरा गुट निगम में ही बैठा रहा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जो गुट निगम में बैठा रहा था ऐसा बताया जा रहा है कि भाजपा के वरिष्ठ पार्षदों ने पहले ही मैनेज कर लिया था, इसी कारण उन्होंने किसी तरह का बहिष्कार करना तय नहंीं किया। यदि वे भी बहिष्कार करते या बोर्ड के इस निर्णय का विरोध करते तो बोर्ड को अपने इस तानाशाही फैसले से झुकना पड़ता और अपने निर्णय को वापस लेना पड़ता, लेकिन ऐसा नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष के चुनाव के समय से ही बने तीन गुट में से दो गुट अंदर रहे, लेकिन उनकी संख्या मात्र 8 ही थी और एक गुट जिसके पास 11 पार्षद है वह बाहर निकल गया। खुद कांग्रेसी नेता बोर्ड की बैठक में बैठे 8 पार्षदों की निंदा कर रहे है और कह रहे है कि परिवार में कैसे भी हो, लेकिन वहां पर एकजुटता दिखानी चाहिए थी।


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