आप की आंधी में उड़ी कांग्रेस, बादल भी ‘छंटे’, पंजाब में दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाने में कामयाब रही

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चंडीगढ़ (एजेंसी)। पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 की सभी सीटों के नतीजे आ चुके हैं। भारत चुनाव आयोग द्वारा जारी नतीजों के मुताबिक आम आदमी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। नतीजों को देखें तो इन चुनावों में ‘आप’ दिल्ली से बाहर अपनी पकड़ मजबूत करने में कामयाब हुई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने पंजाब की 117 सीटों में से 92 पर जीत हासिल की।

कांग्रेस 18 सीट के साथ दूसरे स्थान पर रही। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने 3 और भाजपा ने 2 सीट पर जीत हासिल की। एक सीट बसपा ने तो एक सीट निर्दलीय ने भी जीती है। केजरीवाल ने पार्टी के पंजाब में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भगवंत मान के साथ एक फोटो ट्वीट करते हुए लिखा, ‘इस इंकलाब के लिए पंजाब के लोगों को बहुत-बहुत बधाई।‘

आप की आंधी में उड़ गए चन्नी और बादल

आप की आंधी के बीच जलालाबाद सीट पर पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल तथा चमकौर साहिब एवं भदौड़ विधानसभा सीटों पर कांग्रेस नेता एवं मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बुरी तरह हार गए। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी चमकौर साहिब सीट पर आप पार्टी के चरणजीत सिंह से 7942 मतों हार गए। दूसरी भदौर विधानसभा सीट पर वह आप पार्टी लाभसिंह उगोके से 37558 वोट से पराजित हुए हैं। शिअद के लिए ये चुनाव बेहद चौंकाने वाले रहे। प्रकाश सिंह बादल भी अपने गढ़ लांबी से हार गए। इसके अलावा कांग्रेस छोड़कर भाजपा के साथ हाथ मिलाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू भी हार गए। पंजाब में 2017 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 77 सीट जीतकर शिअद-भाजपा गठबंधन का शासन समाप्त किया था। ‘आप’ को उस समय 20 सीट और शिअद-भाजपा को 18 सीट मिली थीं।

कांग्रेस से अलग होकर नयी पंजाब लोक कांग्रेस बनाने वाले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पटियाला सीट से आम आदमी पार्टी के अजीत पाल कोहली 19873 वोट से पराजित हो गए हैं। आप के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भगवंत मान धुरी विधानसभा सीट से 58206 मतों से जीतें हैं। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सद्धिू भी अमृतसर पूर्वी सीट तथा शिरोमणि अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल लम्बी सीट से आप उम्मीदवार गुरमीत सिंह खुदीयां से पराजित हुए हैं। पंजाब में सत्ताविरोधी लहर के कारण कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ है और राजनीतिक प्रयोग कर रही आम आदमी पार्टी (आप) दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाने में कामयाब रही।


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