राज्यों में संगठनात्मक बदलाव पर भी कांग्रेस में खींचतान

राज्यों में संगठनात्मक बदलाव पर भी कांग्रेस में खींचतान
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बिहार में शक्ति सिंह गोहिल की जगह भक्त चरणदास को बनाया प्रभारी

-महाराष्ट्र, तेलंगाना सरीखे राज्यों में जल्द होगा नेतृत्व परिवर्तन

नई दिल्ली (एजेंसी)। कांग्रेस के नए अध्यक्ष के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले ही कई राज्यों के नेतृत्व में बदलाव को लेकर अंदरूनी संघर्ष तेज हो गया है। बिहार, महाराष्ट्र और तेलंगाना सरीखे कुछ राज्यों में संगठन का चेहरा बदलने की कसरत तेज हो गई है। तेलंगाना और महाराष्ट्र की अंदरूनी उठापटक तो पार्टी हाईकमान के पास पहुंच चुकी है। जबकि बिहार में प्रदेश नेतृत्व में बदलाव से पहले प्रभारी महासचिव शक्ति सिंह गोहिल को जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। उनके स्थान पर भक्त चरणदास को प्रभारी बनाया गया है।

बिहार चुनाव में कांग्रेस के बेहद लचर प्रदर्शन के बाद गोहिल ने इस्तीफे की पेशकश भी की थी। हालांकि हाईकमान ने तब इस पर कोई फैसला नहीं लिया और इस बीच कोविड का शिकार होने के बाद सेहत की चुनौतियों का सामना कर रहे गोहिल ने खुद ही बिहार का प्रभार छोडऩे की इच्छा जताई। गोहिल ने अपनी अपील की बात सोशल मीडिया पर साझा भी की। इसके बाद उन्हें बिहार के प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया।

बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष मदनमोहन झा ने भी हार के बाद इस्तीफे की पेशकश की थी और माना जा रहा कि पार्टी हाईकमान सूबे में नए नेतृत्व के चेहरे की गंभीरता से तलाश कर रहा है। इसको लेकर सूबे के नेताओं में आपसी खींचतान भी शुरू हो गई है।

महाराष्ट्र में बदलाव की खींचतान का आलम यह है कि ठाकरे की गठबंधन सरकार में मंत्री प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बाला साहब थोराट अपनी सियासत साधने के लिए सोमवार को हाईकमान से मिलने दिल्ली पहुंच गए और हाईकमान की मंशा देखते हुए अपने इस्तीफे की पेशकश भी कर दी। महाराष्ट्र में भी नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द ही होने की संभावना है।

इसी तरह हैदराबाद निगम चुनाव में कांग्रेस के लगभग सफाए के बाद तेलंगाना में पार्टी का अस्तित्व बचाने को जागे पार्टी हाईकमान को नेतृत्व परिवर्तन के लिए सूबे के पुराने धुरंधरों की चुनौती का सामना करना पड़ा रहा है। राजनीतिक कौशल और पकड़ के हिसाब से कांग्रेस नेतृत्व लोकसभा सांसद रेवंत रेड्डी को उत्तम रेड्डी की जगह प्रदेश अध्यक्ष बनाने को लेकर गंभीर है। मगर सूबे के पुराने कांग्रेसी नेता तेलुगुदेशम पार्टी से आए रेवंत को कमान सौंपने के पक्ष में नहीं है। इसको लेकर जारी अंदरूनी रस्साकशी में जीवन रेड्डी, श्रीधर रेड्डी और पूर्व सांसद मधु याक्षी गौड़ा भी प्रदेश कांग्रेस के दावेदारों में शामिल हो गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के एलान से पहले इन राज्यों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति की पुख्ता संभावना है।


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