वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारियों की जासूसी कर रहीं कंपनियां

वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारियों की जासूसी कर रहीं कंपनियां
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लंदन (एजेंसी)। कोरोना वायरस महमारी के चलते वर्क फ्रॉम होम (घर से काम करना) करने वाले कर्मचारियों की जासूसी के लिए कंपनियों द्वारा निजी जांचकर्ताओं को रखा जा रहा है। इनका काम ये जांचना है कि क्या कर्मचारी कोरोना का बहाना बनाकर घर पर आराम तो नहीं कर रहा है। ब्रिटेन के अखबार डेली मेल ने इसका खुलासा किया।

महामारी के चलते दुनियाभर में कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी हुई है। वहीं, कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने एक बार फिर से अपने कर्मचारियों को कार्यालयों में बुलाना शुरू कर दिया है। लेकिन, कुछ लोग कोविड-19 के चलते अभी भी कार्यालय नहीं जा रहे हैं।

ब्रिटेन में अकाउंटेंसी और कानूनी कंपनियां निजी जांचकर्ताओं का प्रयोग करने वालों में शामिल हैं। इन्होंने अपने कर्मचारियों के पीछे इन जांचकर्ताओं को लगा रखा है। ये इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या कर्मचारी कोविड-19 का बहाना बनाकर घर पर आराम तो नहीं कर रहे हैं।

मैनचेस्टर के रहने वाले एक निजी जांचकर्ता ने बताया कि यह एक ऐसा कार्य है, जो हमें लॉकडाउन से पहले नहीं मिलता था। हालांकि, अब इस काम की मांग बढ़ गई है। यह काफी प्रचलित होता जा रहा है। उसने बताया कि कंपनियां हमारी मदद से इस बात की जांच करती हैं कि काम के समय कर्मचारी घर से बाहर तो नहीं जा रहा है।

वहीं, एक स्रोत ने बताया कि कुछ कंपनियों को लगता है कि कोरोना काल में कर्मचारियों को खुद को अलग रखना चाहिए, इसलिए ये हमारा दायित्व है कि हम कर्मचारी की जांच करें कि वह अलगाव में रहता है या नहीं।

उन्होंने बताया कि बहुत सी कंपनियां जो लोगों को घर से काम करवा रही हैं, वो तकनीक का प्रयोग कर रही हैं, ताकि कर्मचारियों की उत्पादकता पर नजर रखी जा सके। यदि आपको कोई ऐसा व्यक्ति मिलता है, जो किसी भीड़ में शामिल हुआ था, तो ऐसे कर्मचारियों को जोखिम वाली श्रेणी में रखा जाता है।

ब्रिटिश सरकार ने कोविड-19 संक्रमणों में हालिया बढ़ोतरी के बाद कार्यालयों को फिर से खोलने के प्रयासों पर रोक लगा दी है। ब्रिटिश उद्योग परिसंघ ने कहा कि सरकार का यह फैसला एक झटके की तरह है, जिसका शहर और शहर के केंद्रों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा।


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