कुंभलगढ़ फेस्टिवल का रंगारंग, आगाज दो वर्ष बाद कुम्भा के दुर्ग में बिखरी संगीत की स्वरलहरियां

Colorful start of Kumbhalgarh festival
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कुम्भलगढ़ (प्रात:काल संवाददाता)। ऐतिहासिक कुंभलगढ़ दुर्ग परिसर में तीन दिवसीय 15 वे कुंभलगढ़ फेस्टिवल का रंगारंग आगाज सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। प्रारंभ में उदयपुर संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट, जिला कलक्टर अरविंद कुमार पोसवाल व पर्यटन उप निदेशक शिखा सक्सेना ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। फिर राजस्थानी विधा पर आधारित लाल अंगी गैर, सेहरिया नृत्य, कालबेलिया नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दी, तो अफसरों व पर्यटकों ने तालियों की गडगड़़ाहट के साथ उत्साहवद्र्धन किया। सुबह से ही क्षेत्रीय लोगों के साथ दुर्ग भ्रमण के लिए सैलानियों ने खूब आनंद उठाया। बारां से आए कलाकर दल ने चकरी नृत्य व सहरिया नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी, जिस पर सैलानियों ने भी उसके साथ डांस लिया। इसी तरह बाड़मेर के कलाकारों द्वारा लाल गैर नृत्य, जयपुर से आए बहुरूपिए कलाकारों की प्रस्तुति भी बेहद रोमांचकारी रही, जबकि कालबेलिया नृत्य ने भी खूब वाहवाही लूटी। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों से पर्यटकों को इतना मंत्रमुग्ध कर दिया कि वे अपने आप को भी नृत्य करने से नहीं रोक पाए। पर्यटन विभाग तथा जिला प्रशासन राजसमन्द के तत्वावधान में आयोजित कुंभलगढ़ फेस्टिवल दिनभर में दुर्ग परिसर में अलग अलग नृत्य की प्रस्तुतियां लगातार देते हैं, जिसे देखने के लिए पर्यटकों का काफी जमघट लगा रहा। इस अवसर पर कुंभलगढ़ उपखंड अधिकारी जयपालसिंह राठौड़, कुंभलगढ़ पंचायत समिति प्रधान कमला दसाणा, कुंभलगढ़ विकास अधिकारी भगवानसिंह कुंपावत सहित कई पर्यटक एवं क्षेत्रवासी मौजूद थे।

कुंजन में रास रचायो…

कुम्भलगढ़ फेस्टिवल के पहले दिन की शाम स्वरों से गुंजायमान हो गई। ध्रुपद शैली के शास्त्रीय गायक पद्मश्री फैयाज वासिफुद्दीन डागर ने लोक वाद्य यंत्र तानपुरा पर पखावज की संगत पर ध्रुपद गायन के साथ वह राग छेड़ा की कुम्भा के गढ़ में जबरदस्त रंग जम गया। शुरुआत राग भीम पलासी में निबद्ध एक ध्रुपद ‘कुंजन में रास रचायोÓ से की। उपस्थित जनसमूह की तालियों ने पांडाल को गुंजायमान कर दिया। संचालन आकाशवाणी उदयपुर कार्यक्रम प्रमुख महेंद्रसिंह लालस व पीयूष रावल ने किया। पखावज पर पंडित प्रवीण कुमार आर्य एवं तानपुरे पर अरविंदन श्रीनिवासन, प्रमोद कुमार की प्रस्तुति रही।


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