सीएम गहलोत की कोरोना रीव्यू मीटिंग, वैक्सीन अनिवार्य, वरना नहीं मिलेगा योजनाओं का लाभ, नाइट कफ्र्यू, मास्क को लेकर होगी सख्ती

CM Gehlot's corona review meeting
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। कोरोना को लेकर राज्य सरकार अब नई गाइडलाइन ला सकती है। सूत्रों के मुताबिक नए साल के जश्न पर सरकार कई तरह की पाबंदियां लगा सकती है। इसके साथ ही शादी व अन्य आयोजनों में लोगों की संख्या एक बार फिर सीमित की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार दोपहर को ही नाइट कफ्र्यू को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं, इस वजह से यह माना जा रहा है कि नए साल पर रात 11 बजे के बाद किसी तरह के कार्यक्रम की अनुमति नहीं होगी।

गृह विभाग ने नई गाइडलाइन से जुड़ा मसौदा मुख्यमंत्री की मंजूरी के लिए भेज दिया है। संभावना जताई जा रही है कि आज रात या शनिवार को सरकार नई गाइडलाइन जारी कर देगी।

इससे पहले, शुक्रवार दोपहर को कोरोना की रीव्यू मीटिंग में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना की वैक्सीन लगवाना अनिवार्य किया जाए। इसके साथ ही अब राजस्थान में नाइट कर्फ्यू और मास्क को लेकर सख्ती बरती जएगी।

गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे मास्क नहीं पहनने, नाइट कर्फ्यू की पालना नहीं करने वालों पर सख्ती करना शुरू कर दे और तीन-चार दिन चेतावनी देने के बाद इस पर सख्ती करना शुरू कर दें।

गहलोत ने कहा कि लोग कोरोना की दूसरी लहर में जो तबाही मची उसका दर्द अभी भूले नहीं भूले है। अब ऐसे हालात पैदा न हो इसलिए बचने के लिए हमें यह करना चाहिए। उन्होंने यूपी चुनाव टालने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के सुझाव को लेकर कहा कि अगर ऐसे समय यह टिप्पणी आई है तो यह बहुत बड़ी बात है। हालांकि कई लोग इसके राजनैतिक मायने भी निकाल रहे है। इससे पहले बैठक में स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा, हेल्थ सेकेट्री वैभव गालरिया ने कहा था कि अभी से पाबंदियां लगाना ठीक रहेगा। नए साल पर पाबंदिया रहेगी तो संक्रमण के फैलने की गति को कुछ हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

वैक्सीन नहीं लगवाने वालों को सरकारी योजना का फायदा नहीं मिलेगा

गहलोत ने बैठक में कहा कि जिस तरह तमिलनाडु, पंजाब ने वैक्सीनेशन अनिवार्य कर दिया है, उसी तरह हमें भी वैक्सीन अनिवार्य करनी पड़ेगी। कोई भी व्यक्ति वैक्सीन लगवाने से इंकार नहीं कर सकता, ये उसका अधिकार नहीं है। हमें इसे अनिवार्य करना ही पड़ेगा। हमने जब मास्क लगाने का कानून पास किया तो वैक्सीन को भी अनिवार्य कर सकते है। लोगों को समय दे सकते है कि एक महीने में वैक्सीन लगवा ले नहीं तो पेनल्टी लगेगी। जो वैक्सीन नहीं लगाएगा, उसे सरकारी योजना का लाभ न दें।

बिना बोले बूस्टर डोज नहीं मिलेगी : बूस्टर डोज के मामले पर गहलोत ने केन्द्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले भी हमने 18 से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए वैक्सीन फ्री करने की मांग उठाई थी। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की चेतावनी के बाद भारत सरकार को बूस्टर डोज पर विचार करना चाहिए। इसके लिए भारत सरकार पर दबाव बनाना पड़ेगा। बिना बोले बात नहीं बनेगी।


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