सीएम अशोक गहलोत बोले- रोजी-रोटी चलती रहे इसलिए सिर्फ सख्ती करेंगे

विदेशों से भी संसाधन जुटाएगी गहलोत सरकार
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)।  राजस्थान में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच सरकार ने लॉकडाउन से इनकार किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, रोजी-रोटी बचाने के लिए हम लॉकडाउन नहीं लगा रहे हैं। ताकि आजीविका चलती रहे, लेकिन जीवन बचाना भी जरूरी है। हमें सख्ती करनी होगी। शादी समारोहों में आने वाले लोगों की संख्या को पहले कम किया, अब और कम करेंगे। गहलोत चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर ग्राम पंचायत और स्थानीय निकाय स्तर पर ओपन वर्चुअल चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछली बार कोरोना गांवों में नहीं फैला था, लेकिन अब इससे मरने वालों में 30′ गांवों से ही हैं।

सीएम ने कहा- पहले कोरोना का डर था, अब लोगों में भय खत्म हो गया। जनता समझ नहीं रही है। लोग लापरवाह हो गए हैं। हमने सख्ती की है। नाइट कफ्र्यू लगाए हैं। रेस्टोरंट बंद किए हैं। शादी समाराहों में लोगों की संख्या और कम होगी। बहुत कम लोग मास्क लगा रहे हैं। हमारा मानना है कि मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन में पुलिस का सहयोग कम लेना चाहिए। ज्यादा लेंगे तो झगड़े होंगे, बदतमीजी होंगी। पर लोग मानेंगे ही नहीं तो क्या करेंगे? मृत्यु दर डबल हो गई है। वैक्सीन के बाद भी लोग संक्रमित हो रहे हैं। कोरोना की स्पीड डबल हो गई है। एक प्रकार से नया कोरोना आ गया है। यह बहुत खतरनाक है।

गांवों में भी फैल रहा है कोरोना, 30 फीसदी कोरोना मरीज गांवों के

गहलोत ने कहा- पिछली बार कोरोना गांव में नहीं फैला था, लेकिन अब गांवों में फैल रहा है। कोरोना से मरने वालों में 30 फीसदी गांवों के हैं। छत्तीसगढ़, गुजरात और महाराष्ट्र में हालात भयावह हो रहे हैं। हमारे डूंगरपुर, बासंवाड़ा, जालौर, उदयपुर की तरफ हालत बिगड रहे हैं। इन जिलों में गुजरात से आने वाले लोगों की वजह से संक्रमण बढ़ रहा है। राजस्थान में अभी तो मृत्यु दर 1 फीसदी से कम है। पिछली बार 9 अप्रैल को कोरोना के 30 मामले आए। इस बार 4401 आ गए। 2020 में 9 अप्रैल को कुल कोरोना के 413 केस थे, आज प्रदेश में 24020 कोरोना केस हो गए हैं।


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