हैदरपोरा एनकाउंटर में सुरक्षा बलों को क्लीन चिट, एसआईटी ने कहा- अल्ताफ को पाकिस्तानी आतंकी ने ढाल बनाया, क्रॉस फायरिंग में गई जान

Clean chit to security forces in Hyderpora encounter
Share

श्रीनगर (एजेंसी)। श्रीनगर के हैदरपोरा में 15 नवंबर की शाम को हुए एनकाउंटर की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने सुरक्षा बलों को क्लीन चिट दे दी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसआईटी ने मंगलवार को कहा कि एनकाउंटर में मारे गए आम नागरिक की जान पाकिस्तानी आतंकी ने ली थी, जबकि आतंकियों का शरण स्थल बनी बिल्डिंग के मालिक अल्ताफ भट्ट को उन्होंने ह्यूमन शील्ड (मानवीय ढाल) की तरह इस्तेमाल किया। इस दौरान आतंकियों की तरफ से की जा रही फायरिंग का सुरक्षा बलों की तरफ से जवाब दिया गया। भट्ट और डॉ. मुदासिर गुल की मौत इस क्रॉस फायरिंग में हुई थी। इस एनकाउंटर में एक पाकिस्तानी आतंकी समेत 4 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों के परिवार वालों का आरोप था कि अल्ताफ भट्ट और डॉ. मुदासिर गुल को पुलिस ने जानबूझकर मारा है। वहीं पुलिस ने दोनों पर आतंकियों का मददगार होने का आरोप लगाया था। एनकाउंटर पर सवाल उठने के बाद इसकी जांच की जिम्मेदारी एसआईटी को दी गई थी।

एसआईटी इंचार्ज ने दी अब तक की जांच की जानकारी

मंगलवार को एसआईटी के इंचार्ज डीआईजी सुजीत कुमार सिंह ने इस मामले को लेकर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि बिल्डिंग मालिक अल्ताफ भट्ट को पाकिस्तान के आतंकियों ने मानव ढाल की तरह इस्तेमाल किया था। एनकाउंटर के दौरान क्रॉस फायरिंग में उनकी मौत हुई थी।

वहीं डॉ. मुदासिर गुल को विदेशी आतंकी ने मार दिया। इसके साथ ही एक स्थानीय आतंकी अमीर माग्रे विदेशी आतंकी का करीबी सहयोगी था, जो उसके साथ एनकाउंटर में मारा गया।

विदेशी आतंकी बिलाल भाई के साथ मददगार भी था

पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सेंट्रल कश्मीर के डीआईजी सुजीत कुमार सिंह ने एनकाउंटर के बारे में एक प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत बताते हैं कि बिलाल भाई नाम के विदेशी आतंकी ने एनकाउंटर के दौरान बिल्डिंग के मालिक अल्ताफ भट्ट को एक ढाल (ह्यूमन शील्ड) के रूप में इस्तेमाल किया था। वहीं डॉ. मुदासिर गुल के चैंबर में बिलाल भाई एक अन्य लोकल आतंकी आमिर माग्रे के साथ मौजूद था।

डॉ. मुदासिर गुल के साथ कार में घूमता था बिलाल भाई

डीआईजी सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि डॉ. मुदासिर गुल श्रीनगर शहर में अपनी कार से विदेशी आतंकवादी बिलाल भाई के साथ घूम रहे थे। फुटेज और अन्य सबूत बताते हैं कि आमिर माग्रे जमालता श्रीनगर हमले के दौरान विदेशी आतंकवादी के साथ था। आमिर अक्सर बांदीपोरा और गुरेज की यात्रा करता था, हालांकि इस एंगल की अभी जांच की जा रही है। डीआईजी ने कहा, मुठभेड़ स्थल से दो पिस्तौल और चार मैगजीन बरामद की गई हैं। इसके साथ ही बिल्डिंग के मालिक अल्ताफ के परिवार ने रेंट पर रह रहे लोगों के बारे में भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया था।

परिवार को नहीं सौंपा गया था शव

एनकाउंटर के बाद पुलिस ने मोहम्मद अल्ताफ भट्ट और डॉ. मुदासिर गुल के शव परिवार को नहीं सौंपे थे। दोनों को अन्य दो आतंकियों के साथ एहतियातन हंदवाड़ा के एक कब्रिस्तान में दफना दिया गया था। बाद में परिवार के लोगों की मांग पर दोनों के शव कब्रिस्तान से निकालकर उन्हें सौंपे गए। परिवार ने एनकाउंटर पर सवाल खड़ा करते हुए जांच की मांग की थी। जिसके बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच की घोषणा की थी। पुलिस ने भी एसआईटी के जरिए मामले की जांच की।


Share