चाचा के ‘धोखे’ से टूट गया चिराग का दिल – बोले- शेर का बेटा हूं, लड़ाई को तैयार

चाचा के 'धोखे' से टूट गया चिराग का दिल - बोले- शेर का बेटा हूं, लड़ाई को तैयार
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पटना (एजेंसी)। चिराग पासवान ने आखिरकार जदयू और चाचा पशुपति पारस के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है। पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चिराग पासवान ने नीतीश कुमार और अपने चाचा पशुपति पारस पर कई आरोप लगाए हैं।

नीतीश को मैंने लोजपा की ताकत दिखाई

चिराग ने इस दौरान नीतीश पर सीधा आरोप जड़ा। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने गठबंधन से अलग होकर मजबूती से चुनाव लड़ा। चुनाव से पहले जब पापा (रामविलास पासवान) अस्पताल में थे तब भी जदयू के कुछ लोग मेरी लोजपा को तोडऩे की कोशिश कर रहे थे। मुझे याद है जब पापा आईसीयू में थे तब भी उन्होंने पार्टी के कुछ नेताओं से बातचीत में कहा था कि मीडिया में कुछ लोग इस तरह की भ्रामक खबरें आ रही हैं कि पार्टी टूट रही है। उन्होंने चाचा को भी इस संदर्भ में कहा था।

‘पशुपति पारस समेत 5 सांसद लोजपा के रणछोड़’

चिराग ने अपने चाचा समेत पांचों सांसदों को एक तरह से रणछोड़ करार दिया। एक बात स्पष्ट थी कि पार्टी में कुछ लोग (पशुपति पारस समेत 5 सांसद) संघर्ष के रास्ते पर चलने को तैयार नहीं थे। वो चाहते थे कि वे सुरक्षित राजनीति करते रहें। मैं इस बात को स्वीकार करता हूं कि अगर भाजपा+जदयू+लोजपा मिलकर बिहार चुनाव में उतरती तो लोकसभा चुनाव की तरह एकतरफा परिणाम आते। लेकिन उस परिणाम के लिए मुझे नीतीश कुमार के सामने नतमस्तक होना पड़ता।

मैं अभी भी लोजपा का अध्यक्ष : चिराग

अगर मेरे चाचा मुझसे बोलते कि उन्हें लोकसभा में नेता बनना है तो मैं उन्हें खुशी-खुशी बना देता। मैं चाहता हूं कि वह लोकसभा में पार्टी का पक्ष पापा की तरह मजबूती से रखें। लोकसभा में पार्टी का नेता कौन होगा यह चुनने का निर्णय पार्टी अध्यक्ष के पास है, यह सांसद के पास नहीं है। मैं घरेलू बातें सार्वजनिक करने में यकीन नहीं करता हूं।

‘मैं कानूनी समेत हर तरह की लड़ाई के लिए तैयार’

मैं इन सारी बातों को बंद कमरे में सुलझाना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब हमें कानूनी लड़ाई भी लडऩी पड़ सकती है, जिसके लिए हम तैयार हैं। मैंने अपनी तरफ से परिवार और पार्टी दोनों को बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन चाचा की संवादहीनता के चलते ऐसा नहीं हो पाया।


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