क्वाड सम्मेलन से भड़का चीन, जापान के पास की एयर ड्रिल रूस ने दिया साथ

क्वाड सम्मेलन से भड़का चीन, जापान के पास की एयर ड्रिल रूस ने दिया साथ
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बीजिंग (एजेंसी)। क्वाड पर भड़के चीन ने सम्मेलन के दौरान ही जापान के पास रूस के साथ मिलकर लड़ाकू विमानों का संयुक्त अभ्यास किया। यह अभ्यास 13 घंटे तक चला और इसमें रूसी टीयू -95 और चीनी जियान एच-6 बमवर्षक शामिल थे। जापान ने इस अभ्यास पर गहरी चिंता जताई है। साल में चौथी बार हुआ है जब चीन और रूस की संयुक्त उड़ान जापान के पास देखी गई है। इस बार यह चिंता की वजह इसलिए है क्योंकि अमेरिका की चीन को धमकी के बाद यह संयुक्त अभ्यास किया गया है। चीन ने वाशिंगटन और टोक्यो को अपनी संप्रभुता और विकास के हितों को ‘नुकसान’ पहुंचाने वाला बताया। चीनी मीडिया ने इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क फॉर प्रॉस्पेरिटी को ‘आर्थिक नाटो’ करार दिया। चीन ने मंगलवार को टोक्यो में अपनी व्यक्तिगत बैठक के बाद भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के नेताओं द्वारा जारी संयुक्त बयान की भी निंदा की। दरअसल भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने रूस और यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए किसी भी जबरदस्ती या एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध व्यक्त किया था। कहा कि यह क्षेत्र में तनाव बढ़ाने की कोशिश करता है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बीजिंग ने संबंधित राष्ट्रों से आधारहीन आलोचना को हवा देने और छोटे समूहों को ढाल बनाकर टकराव को भड़काकर शांतिपूर्ण, स्थिर और सहकारी समुद्री व्यवस्था स्थापित करने के प्रयासों को धमकी नहीं देने का आह्वान किया। चीन दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा कर रहा है। हालांकि ताइवान, फिलीपींस, ब्रूनेई, मलेशिया और वियतनाम सभी इसके कुछ हिस्सों का दावा करते हैं। बीजिंग ने दक्षिण चीन सागर पर विवादित द्वीपों पर सैन्य प्रतिष्ठान स्थापित किए हैं।


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