मुख्यमंत्री की वीसी : राज्य में जल्द खुलेंगे धार्मिक स्थल, बच्चों के वैक्सीनेशन की तैयारी अभी से करनी होगी

गहलोत सरकार के प्रमोटी प्रेम से नाखुश हैं र्आइएएस अधिकारी
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एक साल बाद लगानी होगी बूस्टर डोज – विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने कहा कि वैक्सीनेशन के एक साल बाद फिर से बूस्टर डोज लगाना होगा। अभी वैक्सीनेशन की जो रफ्तार चल रही है उसके हिसाब से तो तीसरी लहर का मुकाबला नहीं कर पाएंगे। हमें 70 फीसदी आबादी को जल्द से जल्द वैक्सीन लगाने पर जोर देना होगा, तभी हम हमारी आबादी को सुरक्षित कर पाएंगे।

हम साधु संत नहीं, नेता हैं : गहलोत

गहलोत ने कहा कि हम लोग साधु संत तो हैं नहीं, नेता हैं। कभी कोई बोल जाए तो दिल पर नहीं लेते। हम भारत सरकार को चि_ी लिखते हैं तो वह फीडबैक है, आलोचना नहीं। वैक्सीन की कमी है तो केंद्र को सूचना दे दी तो उसे ही आलोचना मान लेते हैं। 18 साल से ज्यादा उम्र वालों के मुफ्त टीकाकरण के लिए हमें सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। प्रधानमंत्री से मैंने कहा कि राज्यों को खरीदकर वैक्सीन लगवाने की व्यवस्था गलत है। ऐसे वक्त में कमियां बतानी पड़ती हैं।

वैक्सीन से मना करने का अधिकार किसी का नहीं

सीएम ने कहा-वैक्सीन से मना करने का अधिकार किसी को नहीं है। जिन इलाकों में वैक्सीन लगाने से लोग मना कर रहे हैं उनमें जागरूकता लाई जाएगी। जहां 80 फीसदी से ज्यादा जिन गांवों में वैक्सीनेशन होगा वहां उन पंचायतों को 50 लाख या इसके आसपास विकास के लिए अलग से देंगें।

किसने क्या कहा

उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़  ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि आप वैक्सीनेशन का रोडमैप बताएंगे, लेकिन आपने गाथा गा दी। स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने स्वास्थ्य राज्य मंत्री सुभाष गर्ग को राष्ट्रीय लोकदल विधायक के तौर पर बोलने का मौका दिया।  निर्दलीय विधायक राजकुमार गौड़ ने कहा कि सभी 13 निर्दलीय विधायकों का समर्थन मुख्यमंत्री गहलोत के साथ है।

फैसला पहले करते तो ठीक रहता

स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि 18 साल से 44 साल के आयु समूह का वैक्सीनेशन भी मुफ्त कर दिया। यह फैसला पहले कर लेते तो भ्रांतियां नहीं फैलती। बलवान पूनिया ने कहा कि विधायक फंड से लिए गए 3 करोड़ में से 2.5 करोड़ रुपए अब विकास कार्यों के लिए खर्च करने की मंजूरी दे देनी चाहिए, क्योंकि अब वैक्सीनेशन का खर्च भारत सरकार उठा रही है।  प्रदेशभर में 2 हजार 444 कोल्ड चैन प्वाइंट बनाए गए हैं। प्रतिदिन 12 से 15 लाख लोगों को डोज लगाने की क्षमता विकसित कर ली गई है।

राजस्थान में दो करोड़ से ज्यादा लोगों को लगा टीका

स्वास्थ्य विभाग के सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि प्रदेश में 2.08 करोड़ वैक्सीन डोज लग चुके हैं। इनमें 1.74 करोड़ लोगों को पहली डोज लग चुकी है। 33.88 लाख लोगों को अब तक दूसरी डोज लग चुकी है। 45 साल से 59 साल के आयु समूह वाले 1.17 करोड़ लोगों को पहली डोज और 25.45 लाख को दूसरी डोज लग चुकी है। 60 साल से ज्यादा उम्र वाले 57.37 लाख लोगों को पहली डोज और 17.61 लाख दूसरी डोज लग चुकी है। 18 से 44 साल के एजग्रुप वाले 44.57 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। वैक्सीन वेस्टेज को 0.7 प्रतिशत तक ले आए हैं।


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