मुख्यमंत्री गहलोत ने कई बार सदन में ली विपक्ष पर चुटकी

मंत्रियों ने कहा -न्यायालय का सम्मान करेंगे
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट भाषण में घोषणा करते हुए कई बार विपक्षी सदस्यों पर चुटकियां ली। इस दौरान सदन में ठहाके लगते रहे। सबसे पहले मुख्यमंत्री गहलोत ने राज्य में पशु चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए 102 एंबुलेंस सेवा शुरू करने का एलान किया। तब मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए सदन में मौजूद प्रतिपक्ष के सदस्यों से कहा कि- यह तो गाय का मामला है, कम से कम ताली तो बजा दो। मुंह नीचे करके क्यों बैठे हो। चेहरा ऊपर करो। ताली बजाओ। मुस्कुराओ।

‘मैं सात बार पानी पी चुका हूं, लेकिन पानी पी-पी कर आपको कोस नहीं रहा हूं’

बजट के दौरान मुख्यमंत्री ने पानी पीते हुए फिर से चुटकी लेते हुए कहा कि मुझे याद है, वसुंधरा जी ने एक बार बजट पेश किया था। तब उन्होंने एक बार भी पानी नहीं पीया। लेकिन मैं अब तक 7 बार पानी पी चुका हूं, दरअसल मेरा गला बचपन से खराब है। इसलिए पानी पीता हूं। इस पर विपक्ष में मौजूद विधायकों की टिप्पणी पर गहलोत ने जवाब देते हुए कहा कि मैं पानी पी पी कर आपको कोस नहीं रहा हूं। इस पर सदन में बजट भाषण के दौरान ठहाके लगे।

बजट भाषण के बीच मोदी-शाह पर भी ली चुटकी, प्लीज दिल्ली को समझाओ

बजट भाषण में मुख्यमंत्री गहलोत ने विपक्षी सदस्यों की तरफ देखते हुए मोदी व शाह पर चुटकी लेते हुए कहा कि आप दिल्ली को समझाओ। दिल्ली को समझाओ, दिल्ली को समझाओ। मैं तमाम विपक्ष के सदस्यों से कहना चाहता हूं, प्लीज….प्लीज…प्लीज….. दिल्ली को समझाओ। प्रेम मोहब्बत, सद्भावना से देश चलता है। नफरत और गुस्से से देश नहीं चलता है। लोकतंत्र में असहमति का भी स्थान होताा है। वो देशद्रोही नहीं है। वे भी आपके देश के नागरिक है।

‘क्या व्हीप जारी हुआ है, जो आप लोग ताली नहीं बजा रहे हैं’

कुछ देर बाद फिर से बजट भाषण देते वक्त सीएम अशोक गहलोत ने पानी पिया। इसके बाद बोले- अरे, धन्यवाद तो हर चीज में दिया करो। यहां भी ताली नहीं बजेगी। फिर उन्होंने विपक्षी सदस्यों की तरफ देखते हुए कहा कि क्या कोई व्हीप जारी हुआ है क्या। जिस वजह से आप लोग ताली नहीं बजा रहे हो। यह घोषणा आपके लिए भी है।

‘जो छिपकर दिल्ली जाते हैं, उनको सब समझ आ रहा है’

एक बार फिर से मुख्यमंत्री गहलोत ने विधायकों के लिए क्लब के स्थापना की घोषणा की। इससे सभी में भाईचारे की भावना बढ़ सके। तब उन्होंने किसी की सदस्य की टिप्पणी करते हुए कहा समझ नहीं आ रहा है क्या। अरे यहां तो कुछ खिलाड़ी है। जो छिपकर दिल्ली जाते हैं। उनको सब समझ आ रहा है


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