चंद्रशेखर बावनकुले बने महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष

Chandrashekhar Bawankule became the President of Maharashtra BJP
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मुंबई। भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को विधान परिषद सदस्य चंद्रशेखर बावनकुले को पार्टी की महाराष्ट्र इकाई का अध्यक्ष और विधायक आशीष शेलार को मुंबई महानगर इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।
अन्य पिछड़ा वर्ग से आने वाले बावनकुले ने प्रदेश अध्यक्ष के पद पर चंद्रकांत पाटिल की जगह ली है। पाटिल को पिछले दिनों महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बनाया गया था। शेलार मराठी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने मुंबई शहर इकाई के अध्यक्ष के रूप में मंगल प्रभात लोढ़ा का स्थान लिया है। लोढ़ा को भी हाल ही में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री बनाया गया है। वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस इस सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं। बावनकुले की नियुक्ति को 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पिछड़ा वर्ग को लामबंद करने की भाजपा की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

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महाराष्ट्र में वेश्यावृत्ति रैकेट का भंडाफोड़: 17 महिलाओं को छुड़ाया
मुंबई। मुंबई पुलिस ने नवी मुंबई में छापेमारी के दौरान कथित रूप से वेश्यावृत्ति में धकेली गयीं 17 महिलाओं को छुड़ाया और दलाल के तौर पर काम करने के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, एक महिला द्वारा मानव तस्करी रैकेट में शामिल राजू और साहिल नाम के दो लोगों के खिलाफ शिकायत के बाद बाद कार्रवाई की थी। उन्होंने बताया कि महिला की शिकायत के अनुसार आरोपी अलग-अलग राज्यों की महिलाओं को मुंबई में नौकरी दिलाने का झूठा वादा करके लाते थे। उन्होंने बताया, महिलाओं को मुंबई लाने के बाद, वह उन्हें पड़ोसी शहर नवी मुंबई के नेरुल में एक अज्ञात स्थान पर बंद कर देते थे और उन्हें वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करते थे। आरोपी उन महिलाओं को वेश्यावृत्ति के लिए लॉज और होटलों में भेजता था और अवैध गतिविधियों के जरिए पैसा कमाता था। उन्होंने कहा कि शिकायत पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए पुलिस के साथ एएचटीयू के चार दलों ने नेरुल के शिरवाने गांव में छापेमारी की और 17 महिलाओं को मौके से छुड़ाया और नौ पुरुषों को गिरफ्तार किया। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 370 (मानव तस्करी), 392 (डकैती), 344 और 346 (गलत तरीके से कारावास से संबंधित), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 506 (आपराधिक धमकी), 34 (सामान्य इरादा) के अलावा अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम से संबंधित धाराएं प्राथमिकी में दर्ज की गई हैं।


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