मतगणना से पहले ही दिल्ली लौट गए चंद्रा, बोले- राजस्थान से रिश्ता बन गया है, यहां के लिए काम करता रहूंगा

निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा
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जयपुर  (कार्यालय संवाददाता)।  राजस्थान के राज्यसभा चुनावों में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा मतगणना से पहले ही दिल्ली लौट गए हैं । एस्सेल ग्रुप के मालिक और हरियाणा से राज्यसभा सदस्य सुभाष चंद्रा ने इस बार राजस्थान से राज्यसभा चुनाव लड़ा । उन्हें उम्मीद थी कि भाजपा, निर्दलीय और अन्य दलों के विधायकों के दम पर वे चुनाव जीत लेंगे। मतदान के बाद से जिस तरह के रूझान सामने आए और भारतीय जनता पार्टी में ही क्रॉस वोटिंग हो गई। इसके बाद उनकी जीतने की संभावनाएं लगभग खत्म हो गई थी। ऐसे में वे शाम 4 बजे से पहले ही दिल्ली लौट गए, जबकि मतगणना 5 बजे शुरू होनी प्रस्तावित थी।

दिल्ली लौटने से पहले सुभाष चंद्रा राजस्थान विधानसभा में मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान सुभाष चंद्रा ने कहा कि उनका राजस्थान से रिश्ता बना रहेगा। वे यहां आते जाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मैं जीतू या हारू, यहां के लोगों से मेरे रिश्ते बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने मुझे आज फोन कर माफी मांगी और कहा कि इस बार वे उनका साथ नहीं दे सकेंगे।

जोड़ तोड़ में विफल रही भाजपा और सुभाष चंद्रा

राज्यसभा चुनावों में निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा को भरोसा था कि वे भाजपा के साथ-साथ निर्दलीय विधायक का समर्थन जुटा लेंगे। उन्हें विश्वास था कि कांग्रेस में अदरूनी कलह -फूट का लाभ भी उन्हें मिलेगा। पिछली बार की तरह ही राज्यसभा चुनाव में हरियाणा की तरह ही कोई चमत्कार होने की उम्मीद भी थी, लेकिन यहां पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की रणनीति के आगे सुभाष चंद्रा की उम्मीदें धरी रह गई। सुभाष चंद्रा को अपनी संभावित हार नजर आ रही थी, इसके चलते ही उन्होंने मतगणना से पूर्व ही दिल्ली जाना उचित समझा।


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