पेगासस फोन हैकिंग विवाद पर केंद्र का संसद में जवाब, कहा-‘मानसून सत्र से एक दिन पहले रिपोर्ट आना संयोग नहीं’

पेगासस फोन हैकिंग विवाद पर केंद्र का संसद में जवाब, कहा-'मानसून सत्र से एक दिन पहले रिपोर्ट आना संयोग नहीं'
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नई दिल्ली (एजेंसी)। सरकार ने इजरायली सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके राजनीतिज्ञों, पत्रकारों एवं अन्य महत्वपूर्ण हस्तियों की जासूसी कराने के आरोपों से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का सोमवार को खंडन किया और कहा कि भारत में अवैध ढंग से इस प्रकार की जासूसी कराना संभव नहीं है।

लोकसभा में केन्द्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विपक्ष के शोरशराबे के बीच एक बयान पढ़कर सरकार की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि इस सनसनी के पीछे जो भी कारण हो, पर कोई भी तथ्य नहीं है। भारत में स्थापित प्रोटोकोल के कारण अवैध रूप से किसी की जासूसी या निगरानी करना संभव नहीं है।

वैष्णव ने कहा कि एक वेबपोर्टल में कल रात एक बहुत ही सनसनीखेज रिपोर्ट आई है। इसमें तमाम आरोप लगाये गये हैं। ये रिपोर्ट संसद के मानसून सत्र के एक दिन पहले आना कोई संयोग मात्र नहीं हो सकता है। उन्होंने सांसदों की ङ्क्षचताओं से इत्तेफाक जाहिर करते हुए कहा कि हम उनको दोष नहीं दे सकते हैं जिन्होंने इस रिपोर्ट को विस्तार से नहीं पढ़ा है और वह सभी सांसदों से तथ्यों एवं तर्कों के आधार पर इसकी जांच करने का अनुरोध करते हैं। इस रिपोर्ट का आधार एक कन्सोर्शियम है जिसे करीब 50 हजार फोन नंबरों का एक लीक डाटाबेस मिला था।

उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसे दावे व्हाट््सएप में पेगासस के उपयोग को लेकर किये गये थे लेकिन उन रिपोर्टों में कोई तथ्यात्मक आधार नहीं पाया गया था और सभी पक्षों ने उसका खंडन किया था। ऐसा प्रतीत होता है कि 18 जुलाई को प्रकाशित यह रिपोर्ट जारी करने का मकसद भारतीय लोकतंत्र तथा यहां के प्रतिष्ठित संस्थानों की छवि धूमिल करना था।

क्या है पूरा मामला ?

दुनियाभर के 17 मीडिया संस्थानों ने रविवार को एक रिपोर्ट छापी। दावा किया गया कि भारत समेत कई देशों की सरकारों ने 150 से ज्यादा पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अन्य ऐक्टिविस्ट्स की जासूसी कराई। इसके लिए इजरायल के एनएसओ ग्रुप के ‘पेगाससÓ स्पाईवेयर का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कम से कम 38 लोगों की निगरानी की गई। हालांकि, भारत सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

इजरायली कंपनी ने रिपोर्ट को बताया मनगढंत

उधर, इजरायली कंपनी एनएसओ ग्रुप ने अपने ‘पेगाससÓ सॉफ्टवेयर को लेकर हुए खुलासों पर बयान जारी किया। कंपनी का कहना है कि ‘फॉरबिडेन स्टोरीजÓ की रिपोर्ट ‘गलत धारणाओं और अपुष्ट सिद्धांतोंÓ से भरी हुई है। एक बयान में इजरायल की इस साइबर इंटेलिजेंस कंपनी ने कहा कि रिपोर्ट का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और यह सच्चाई से परे है। कंपनी के मुताबिक, ऐसा लगता है कि ‘अज्ञात सूत्रोंÓ ने गलत जानकारी मुहैया कराई है।


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