सीडीएस बिपिन रावत हेलीकॉप्टर क्रेश: कोर्ट आफ इंक्वायरी ने दी रिपोर्ट, मौसम में अचानक बदलाव से क्रेश हुआ था हेलीकॉप्टर

CDS Bipin Rawat helicopter crash: Court of Inquiry reported, helicopter crashed due to sudden change in weather
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नई दिल्ली (एजेंसी)। विमान दुर्घटना में हुई सीडीएस जनरल रावत की मौत को लेकर आइएएफ द्वारा गठित  दुर्घटना पर ट्राई-सर्विसेज ने रिपोर्ट पेश की है। ट्राई-सर्विसेज कोर्ट आफ इन्क्वायरी ने अपने प्रारंभिक निष्कर्षों में फ्लाइट डेटा रिकार्डर और काकपिट वायस रिकार्डर का विश्लेषण किया। इसमें कहा गया है कि हादसे की वजह लापरवाही नहीं है। साथ ही कहा कि दुर्घटना मौसम में अप्रत्याशित परिवर्तन के कारण हुई थी। जिसके कारण पायलट का भटकाव हुआ। अपने निष्कर्षों के आधार पर कोर्ट आफ इंक्वायरी ने कुछ सिफारिशें की हैं जिनकी समीक्षा की जा रही है। इस हादसे को जांच दल ने सीएफआईटी दुर्घटना बताया है। पिछले साल 8 दिसंबर को हुए इस विमान हादसे में सीडीएस बिपिन रावत समेत 14 सैन्य अफसरों की मौत हो गई थी।

दुर्घटना की वजह घने जंगल, पहाड़ी इलाका और लो-विजिबिलिटी माना जा रहा है। लो-विजिबिलिटी के चलते हेलिकाप्टर को कम ऊंचाई पर उड़ान भरनी पड़ी। वहीं, लैंडिंग पाइंट से वो कुछ ही दूरी पर था। इस कारण से भी वो निचाई पर उड़ रहा था। इस वजह से क्रैश लैंडिंग हुई। हेलिकाप्टर के पायलट ग्र्रुप कैप्टन रैंक के अधिकारी थे, इसलिए मानवीय गलती की आशंका नहीं थी। हेलिकाप्टर में दो इंजन थे। इसलिए इंजन फेल होने की वजह से भी हादसा नहीं हो सकता था।

जांच कमेटी ने वायुसेना और थलसेना के संबंधित अधिकारियों के बयान रिकार्ड किए हैं। साथ ही उन स्थानीयों लोगों से भी बातचीत की है जो इस दुर्घटना के प्रत्यक्षदर्शी थे। उस मोबाइल फोन की जांच भी की गई है जिससे क्रैश से तुरंत पहले का वीडियो शूट किया गया था। दुर्घटना हुए हेलीकाप्टर का एफडीआर यानि फ्लाईट डेटा रिकार्डर यानि ब्लैक-बाक्स भी घटनास्थल से बरामद कर लिया गया था। उसका डाटा भी रिपोर्ट में शामिल किया गया है।

गौरतलब है कि बीते वर्ष 8 दिसंबर को सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 12 अन्य सेना के जवान सुलूर एयरबेस से वेलिंगटन एयरबेस के लिए हेलिकॉप्टर में सवार हुए थे। हेलिकॉप्टर के अपने गंतव्य तक पहुंचने के कुछ मिनट पहले सुलूर एयरबेस कंट्रोल रूम का हेलिकॉप्टर से संपर्क टूट गया। दुर्घटना से पहले स्थानीय लोगों द्वारा कैप्चर किए गए हेलीकॉप्टर के दृश्यों से पता चला था कि हेलिकॉप्टर कम ऊंचाई पर उड़ रहा था और बादल छाए हुए थे। दुर्घटना में मारे गए 13 अन्य लोगों में बिपिन रावत के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर एलएस लिद्दर, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के स्टाफ ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह और पायलट ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह भी शामिल थे।

क्या है सीएफआईटी दुर्घटना

सीएफआईटी (कंट्रोल्ड फ्लाइट इनटू टेरेन) एक ऐसी हवाई दुर्घटना है, जिसमें पूरी तरह से सेवा योग्य और फिट विमान अनजाने में जमीन, पानी या फिर किसी चीज से टकरा जाता है। ऐसे हादसे जिसमें विमान नियंत्रण से बाहर हो जाता है। इस हादसे से पहले चालक दल इस घटना को लेकर पूरी तरह से अनजान होता है।


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