सीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षा रद्द- प्रधानमंत्री ने कहा छात्रों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता

उत्तरप्रदेश कक्षा 10वीं & 12वीं बोर्ड परीक्षा
Share

नई दिल्ली (एजेंसी)। सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। यह फैसला प्र.म. मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार शाम एक अहम बैठक में लिया गया। कोरोना महामारी के अनिश्चितता भरे माहौल और विभिन्न हितधारकों की राय लेने के बाद फैसला किया गया कि इस साल कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी। लंबे समय से स्टूडेंट्स और पैरेंट्स इसकी मांग कर रहे थे। कुछ राज्य सरकारों ने भी 12वीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने की मांग की थी।

बैठक में प्रधानमंत्री की 5 बड़ी बातें :

< (1) छात्रों के हित को ध्यान में रखकर ही 12वीं की परीक्षा पर फैसला लिया गया है।

< (2) छात्रों की सुरक्षा और सेहत हमारे लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इस पर किसी भी तरह का                    समझौता नहीं किया जा सकता है।

< (3) परीक्षा को लेकर छात्र, पैरेंट्स और टीचर्स सभी परेशान थे। इस फिक्र को खत्म किया जाना                     जरूरी था।

< (4) ऐसे दबाव भरे माहौल में छात्रों को परीक्षा देने के लिए बाध्य किया जाना ठीक नहीं होगा।

< (5) परीक्षा से जुड़े सभी पक्षों को इस समय छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री के सामने सभी विकल्प रखे गए

इस बैठक में सीबीएसई के चेयरमैन, शिक्षा मंत्रालय के सेक्रेटरी के अलावा केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, राजनाथ सिंह और प्रकाश जावड़ेकर शामिल हुए। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई। सू्त्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री के सामने परीक्षा कराने के सभी विकल्प रखे गए। ये विकल्प राज्य सरकारों और सीबीएसई बोर्ड के साथ लंबी चर्चा के बाद तैयार किए गए थे।

कैसे बनेगा रिजल्ट

सीबीएसई क्लास 12 एग्जाम कैंसिल होने के बाद अब अहम सवाल यह है कि स्टूडेंट्स को मार्क्स किस आधार पर मिलेंगे और रिजल्ट कैसे बनेगा? केंद्र व सीबीएसई ने कहा है कि समय के अनुसार उचित क्राइटीरिया के तहत मार्किंग की जाएगी और रिजल्ट तैयार होगा। वहीं स्टूडेंट्स को पिछली बार की तरह परीक्षा देने का विकल्प भी दिया जाएगा। जो स्टूडेंट्स अपने मार्क्स से संतुष्ट नहीं होंगे वे बाद में एग्जाम देने का विकल्प चुन सकेंगे। सरकार के इस फैसले से सीबीएसई कक्षा 12 की परीक्षा देने जा रहे करीब 12 लाख और आईसीएससीई के 4 लाख छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।  यानी इस साल 12वीं के करीब 16 लाख छात्र बिना परीक्षा दिए पास हो सकेंगे।

केंद्र ने फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट से 2 दिन का वक्त मांगा था

सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की परीक्षा पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इसमें केंद्र ने कहा था कि वह गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट में अपना प्लान पेश करेगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आप जो भी निर्णय लेंगे, उसके पीछे आपको मजबूत दलील देनी होगी। जस्टिस खानविलकर ने कहा था कि छात्रों को बहुत उम्मीद थी कि इस साल भी पिछले साल की तरह परीक्षा नहीं होगी और नंबरिंग के लिए मेथड सिस्टम अपनाया जाएगा।


Share