समाचार पत्र के टाइटल के दुरूपयोग का मामला – पत्रकार उमेश टेलर को जेल

समाचार पत्र के टाइटल के दुरूपयोग का मामला
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छोटीसादड़ी (प्रात:काल संवाददाता)। देश के प्रतिष्ठित अखबार ‘प्रात: काल’ के टाइटल का उपयोग कर धोखाधड़ी करने के आरोप में लंबे समय से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सीआई रविन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि लगभग डेढ़ साल पहले दैनिक अखबार ‘प्रात:काल’ के टाइटल का दुरुपयोग करते हुए विज्ञापन छाप धोखाधड़ी करने के आरोपी उमेश टेलर एवं उसके साथी पारस जणवा के खिलाफ छोटीसादड़ी थाने में अखबार के प्रबंधक मांगीलाल जैन द्वारा रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए बुधवार को उमेश टेलर निवासी गोठड़ा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया ।

यह था मामला

25 जुलाई 2019 को ‘प्रात: काल’ दैनिक अखबार के प्रबंधक मांगीलाल जैन की ओर से दर्ज रिपोर्ट में बताया गया कि दैनिक समाचार पत्र प्रात:काल उदयपुर से प्रकाशित होता है। समाचार पत्र समाचारों के साथ विज्ञापन दाताओं के विज्ञापन भी प्रकाशित करता है, जिसके लिए विज्ञापनदाताओं से एक निश्चित राशि ली जाती है। छोटीसादड़ी में समाचार एवं विज्ञापन प्रेषित करने का जिम्मा उमेश टेलर पुत्र शिव नारायण टेलर निवासी सेठजी की हवेली के पास था। टेलर समाचार पत्र के लिए विज्ञापन भी लेता था तथा समाचार पत्र में प्रकाशित करवाता था मगर उमेश टेलर ने अपने एक साथी पारस जणवा निवासी चौहान खेड़ा के साथ मिलकर समाचार पत्र के टाइटल का दुरूपयोग करते हुए अपने स्तर पर अज्ञात प्रिंटिंग प्रेस से एक शिक्षा परिशिष्ट छोटीसादड़ी में प्रकाशित करवा दिया। जबकि ऐसा कोई भी शिक्षा परिशिष्ट प्रातकाल दैनिक अखबार की ओर से नहीं प्रकाशित किया गया था। ना ही इसके लिए उमेश टेलर व उसके साथी पारस जणवा को अनुमति दी गई थी। शिक्षा परिशिष्ट चार पेज का था तथा इसमें सभी पृष्ठों पर विज्ञापन का ही प्रकाशन किया गया। करीबन 2 दर्जन से अधिक विज्ञापन जिनकी कीमत करीब ढाई से तीन लाख रूपये थी। जबकि कार्यालय से ना तो यह परिशिष्ट छापा गया है और ना ही किसी पार्टी से विज्ञापन के भुगतान की राशि प्राप्त की गई। इस प्रकार उमेश टेलर ने अपने साथी के साथ मिलकर समाचार पत्र के टाइटल का दुरूपयोग करते हुए प्रिंटिंग करवा रकम प्राप्त की गई, जिसका उन्हें कोई अधिकार नहीं है। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 420, 467, 468, 471 एवं 406 में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर की थी।


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