वापसी पर बदकिस्मत रहे कैप्टन, कोहली टेस्ट में बतौर कप्तान बना डाला सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड

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दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 4  कप्तान

मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई टेस्ट की पहली पारी में खाता खोले बगैर पवेलियन लौट गए। इसके साथ ही भारतीय कप्तान ने अपने नाम अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज करा लिया। कोहली को स्पिनर एजाज पटेल की गेंद पर विवादास्पद तरीके से एलबीडब्ल्यू आउट दिया गया।

चेतेश्वर पुजारा के आउट होने के बाद कोहली क्रीज पर उतरे। उनके सामने गेंदबाज थे एजाज पटेल । एजाज की पहली तीन गेंदों को कोहली ने रक्षात्मक तरीके से खेला। चौथी गेंद पर भी उन्होंने डिफेंड करने का प्रयास किया लेकिन गेंद पैड पर लगी। कीवी टीम ने अपील की। फील्ड अंपायर अनिल चौधरी ने हवा में अंगुली उठा दी। इसके बाद कोहली ने डीआरस का सहारा लिया। विराट कोहली पहले भारतीय कप्तान हैं जो टेस्ट क्रिकेट में 10 बार शून्य पर आउट हुए हैं। इस लिस्ट में बतौर कप्तान पटौदी (5) दूसरे नंबर पर हैं। रिव्यू में ऐसा दिख रहा था कि गेंद बैट और पैड पर लगभग एक समय टकराई थी। यह साफ नहीं हो पाया कि पहले गेंद किससे लगी। हालांकि रिव्यू को आगे बढ़ाने पर लगा कि गेंद बल्ले से लगकर पैड की तरफ गई है। थर्ड अंपायर ने कहा कि पहले बैट के लगने के पुख्ता सबूत नहीं है। उन्होंने फील्ड अंपायर से अपने फैसले पर टिके रहने को कह दिया। इसके बाद भारतीय कप्तान को पवेलियन लौटना पड़ा।

हालांकि पवेलियन लौटने से पहले कोहली ने फील्ड अंपायर चौधरी से बात की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ और उन्हें 4 गेंद खेलकर पवेलियन कूच करना पड़ा। विराट को ड्रेसिंग रूम में सपोर्ट स्टाफ के साथ रिप्ले देखते हुए देखा गया जिसके बाद वह सिर हिलाते हुए नजर आए।

इस दौरान विराट ने एक अनचाहा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। घरेलू सीरीज में सबसे अधिक बार शून्य पर आउट होने वाले कोहली भारत के पहले कप्तान बन गए हैं। विराट छठी बार टेस्ट मैचों में अपने घर में खाता खोले बगैर आउट हुए। उन्होंने इस दौरान मंसूर अली खान पटौदी का रिकॉर्ड तोड़ा जो इससे पहले सर्वाधिक 5 बार आउट हुए थे। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर ज्वाइंट रूप महेंद्र सिंह धोनी और कपिल देव हैं। दोनों एक समान 3 बार अपने घर में टेस्ट मैचों में शून्य के निजी स्कोर पर आउट हुए हैं।

132 सालों में पहली बार है जब दो मैचों की टेस्ट सीरीज में चार कप्तान शामिल हुए हैं। पहली बार ये 1889 में हुआ था। दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच खेले गए टेस्ट सीरीज के दौरान चार कप्तान बने थे। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ओवेन डुनेल और विलियम मिल्टन थे तो वहीं, इंग्लैंड के कप्तान ऑब्रे स्मिथ और मोंटी बोडेनहुई थे। उस समय इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया था।

अब भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे टेस्ट सीरीज में 132 सालों बार ये संयोग आया है। पहले टेस्ट मैच में भारत के लिए अजिंक्य रहाणे और न्यूजीलैंड के लिए केन विलियम्सन कप्तान थे। वहीं, दूसरे टेस्ट में दोनों खिलाड़ी चोट के कारण टीम से बाहर हो गए हैं। सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत के कप्तान विराट कोहली और न्यूजीलैंड के कप्तान टॉथ लाथम हैं।


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