कैबिनेट बैठक : दूरसंचार कंपनियों को एजीआर मामले में मिली राहत- ऑटो सेक्टर के लिए पीएलआई योजना को मंजूरी

कैबिनेट बैठक : दूरसंचार कंपनियों को एजीआर मामले में मिली राहत- ऑटो सेक्टर के लिए पीएलआई योजना को मंजूरी
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नई दिल्ली (एजेंसी)। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सरकार ने कई अहम फैसले लिए। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में ऑटोमोबाइल सेक्टर और टेलीकॉम सेक्टर को राहत मिली। संकट से गुजर रहे टेलीकॉम सेक्टर को लंबे समय से राहत पैकेज का इंतजार था।

दूरसंचार क्षेत्र को मिली राहत

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि दूरसंचार क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने पैकेज को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार टेलीकॉम उद्योग के लिए एक लंबी अवधि के राहत पैकेज पर काम कर रही थी। बता दें कि देश में कुछ टेलीकॉम कंपनियां इस समय वित्तीय संकट का सामना कर रही हैं। देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों में से एक भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया का भारी एजीआर बकाया है। इससे पहले 8 सितंबर को हुई पिछली बैठक से भी दूरसंचार क्षेत्र को राहत की उम्मीद थी। लेकिन तब इस पर फैसला नहीं लिया गया। इस खबर के बाद टेलीकॉम शेयरों में तेज उछाल आया है।

टेलीकॉम शेयरों में जोरदार उछाल

इस खबर के बाद टेलीकॉम शेयरों में तेज उछाल आया है। संकट से जूझ रही वोडाफोन आइडिया का शेयर 0.24 अंक यानी 2.76 फीसदी बढ़कर 8.93 पर बंद हुआ। मौजूदा समय में कंपनी का बाजार पूंजीकरण 25,660.70 करोड़रूपये है। भारती एयरटेल की बात करें, तो यह 31.45 अंक यानी 4.53 फीसदी की तेजी के साथ 725.55 पर बंद हुआ। मौजूदा समय में कंपनी का बाजार पूंजीकरण 3,98,474.04 करोड़ रूपये है।

ऑटो व ड्रोन सेक्टर को भी मिली राहत

इसके अलावा ऑटो और ड्रोन सेक्टर को भी राहत मिली है। ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन योजना को मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि पीएलआई योजना में 26,058 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान है। ऑटो सेक्टर के लिए 25,938 करोड़ रुपये और ड्रोन उद्योग के लिए 120 करोड़ रूपये की मंजूरी मिली है। योजना में 20 उत्पादों को शामिल किया गया है, जिसमें इलेक्ट्रिकल और कन्वेंशनल व्हीकल में लगने वाले कंपोनेंट, दोनों शामिल हैं। पीएलआई योजना के मुताबिक, केंद्र अतिरिक्त उत्पादन पर प्रोत्साहन देगी और कंपनियों को भारत में बने उत्पादों को निर्यात करने की अनुमति मिलेगी। इसका उद्देश्य प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बनाने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित करना है। ठाकुर के मुताबिक इससे एडवांस ऑटोमोबाइल सेक्टर को बूस्ट मिलेगा और 7 लाख 7 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। ऑटो कंपनियों को स्कीम का फायदा उठाने के लिए अगले पांच सालों में 2000 करोड़ रूपये का निवेश करना होगा। पीएलआई योजना के तहत पांच वर्षों में 42,500 करोड़ रूपये से अधिक का नया निवेश होगा और 2.3 लाख करोड़ रूपये से अधिक का उत्पादन होगा।


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