‘महाराष्ट्र में जल्द होगा कैबिनेट विस्तार’, सुप्रीम कोर्ट का लंबित फैसला इसमें बाधा नहीं : फडणवीस

Enthusiasm intensified regarding BMC elections, Fadnavis lashed out at Shiv Sena with words
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मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि राज्य में मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द होगा। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के निलंबन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के लंबित फैसले का ‘कैबिनेट विस्तार से कोई लेना-देना नहीं है’। सुको ने कहीं भी यह नहीं कहा है कि कैबिनेट का विस्तार नहीं कर सकते हैं। फडणवीस ने अजीत पवार पर निशाना साधते हुए कहा, आलोचना करने के अलावा उनके पास और कोई ऑप्शन नहीं है। वह यह भूल गए हैं कि उनके समय में 32 दिनों तक केवल 5 ही मंत्री थे।  उन्होंने कहा कि पहले भी अधिकारियों को अर्ध-न्यायिक शक्तियां दी गई हैं। यह केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनता का होता है और मैं उनके मंत्रिमंडल में हूं। हम इस राज्य के लोगों के लिए हमेशा उपलब्ध हैं।

शिंदे ने आईएएस को दिए विधायकों से अधिक पावर

दरअसल, मुख्य सचिव मनुकुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को नौकरशाहों को अर्ध-न्यायिक शक्तियां मुहैया कराने के लिए संक्षिप्त आदेश जारी किया था। रिपोर्ट में कहा गया कि नौकरशाहों को शक्तियां सौंपी गई हैं ताकि आम आदमी को नुकसान न हो। हालांकि, क्षेत्रीय स्तर के अधिकारियों की ओर से पारित आदेशों के खिलाफ नियमित अपीलों का निपटारा नौकरशाहों द्वारा नहीं किया जा सकता।

महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर भड़के अजीत पवार : अर्ध-न्यायिक शक्तियों के मामले को लेकर अजीत पवार ने कहा, हम इस स्थिति का सामना इसलिए कर रहे हैं क्योंकि एकनाथ शिंदे सीएम के रूप में शपथ लेने के एक महीने से अधिक समय तक अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने में विफल रहे हैं। मुझे लगता है कि नौकरशाहों के बजाय सभी शक्तियां मुख्य सचिव को सौंपी जानी चाहिए। विधायकों के पास कोई शक्ति नहीं है और न ही कोई कैबिनेट सदस्य हैं। ऐसी परिस्थितियों में नौकरशाह निर्वाचित प्रतिनिधियों की तुलना में अधिक शक्तिशाली हो गए हैं।


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